रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना और संभावित कार्यसूची जारी कर दी है। पांच दिवसीय इस सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें प्रश्नकाल, शासकीय कार्यों और वित्तीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।
पहले चार दिन प्रश्नकाल और शासकीय कार्यों पर रहेगा फोकस
विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार सत्र के पहले चार दिनों में प्रश्नोत्तर काल और विभिन्न शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे। वहीं 17 जुलाई को अंतिम दिन प्रश्नोत्तर काल और शासकीय कार्यों के साथ-साथ गैर-शासकीय कार्य भी सदन में लिए जाएंगे। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सरकार योजनाओं और उपलब्धियों का रखेगी ब्यौरा
मानसून सत्र में राज्य सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण सदन में प्रस्तुत करेगी। साथ ही वित्तीय मामलों और अन्य शासकीय कार्यों को भी सदन के समक्ष रखा जाएगा। विधानसभा सचिवालय के अनुसार सत्र के दौरान आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन किया जाएगा।
विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में
विपक्ष कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बिजली-पानी की स्थिति, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।
स्कूलों में मंत्र-पाठ समेत कई मुद्दों पर हो सकती है तीखी बहस
सत्र के दौरान स्कूलों में मंत्र-पाठ के आदेश, हसदेव क्षेत्र में जंगल कटाई, शराब दुकानों में ओवररेटिंग, नगरीय निकायों की समस्याएं और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इन विषयों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग भी उठ सकती है
चूंकि मानसून सत्र की अवधि केवल पांच दिन निर्धारित की गई है, ऐसे में विपक्ष की ओर से सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग उठने की संभावना भी जताई जा रही है। राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आ सकते हैं।