रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पूरी होने के बाद अब बोनस और अंतर राशि को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 तक चली, जिसमें लगभग 1.40 करोड़ मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए दो दिन अतिरिक्त खरीदी भी की गई।
सरकार की ओर से दावा किया गया कि समर्थन मूल्य के साथ-साथ लगभग ₹917 प्रति क्विंटल की अंतर राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की गई। कृषक उन्नति योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों को भुगतान किए जाने की बात कही गई है।
इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से एक पोस्ट जारी किया गया, जिसमें दावा किया गया कि धान खरीदी और बोनस की राशि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और उनके परिजनों के खातों में भी पहुंची है। पोस्ट में भूपेश बघेल, चरण दास महंत और दीपक बैज को मिले भुगतान का उल्लेख किया गया।
बीजेपी का कहना है कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के हर पात्र किसान तक योजना का लाभ पहुंचा रही है, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो। पार्टी नेताओं का तर्क है कि यह पारदर्शिता और सर्वग्राही नीति का उदाहरण है।
वहीं, कांग्रेस ने इस पोस्ट पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे स्तरहीन राजनीति बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह से व्यक्तिगत नामों का उल्लेख कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है और यह निजता का उल्लंघन है।
राज्य में धान खरीदी के बाद अब कृषक उन्नति योजना की अंतर राशि को लेकर छिड़ी यह सियासी जंग तेज होती जा रही है। जहां बीजेपी इसे पारदर्शिता और निष्पक्षता का संदेश बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक हथियार बनाकर व्यक्तिगत हमले की संज्ञा दे रही है।
कुल मिलाकर, धान बोनस अब छत्तीसगढ़ की राजनीति का नया मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
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