रायपुर। देश की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच 7.8 प्रतिशत की रियल GDP ग्रोथ दर्ज की है। राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी का असर अब छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की उम्मीद है। खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ में उद्योग, खनन, स्टील, सीमेंट और बिजली जैसे सेक्टर पहले से ही आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख आधार हैं। ऐसे में देश में मांग और निवेश बढ़ने से राज्य को इसका फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ को किन क्षेत्रों में मिल सकता है फायदा?
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में तेजी का सीधा असर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और खनिज आधारित सेक्टर पर पड़ सकता है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, स्टील, सीमेंट, बिजली और खनिज आधारित उद्योग अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत हैं।
उद्योगों में तेजी की उम्मीद
देश की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में भी तेजी देखने को मिली है। पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने 9.2 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है। इससे औद्योगिक उत्पादन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सकारात्मक असर छत्तीसगढ़ के स्टील, सीमेंट और पावर सेक्टर पर पड़ सकता है।
खनिजों की मांग बढ़ सकती है
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है। स्टील, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में गतिविधियां बढ़ने के साथ कोयला, लौह अयस्क समेत अन्य खनिजों की मांग में भी बढ़ोतरी की संभावना है। इससे राज्य के खनन और उससे जुड़े उद्योगों को फायदा मिल सकता है।
निवेश के नए अवसर
राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में मजबूती छत्तीसगढ़ में नए निवेश के लिए भी सकारात्मक माहौल तैयार कर सकती है। खासकर स्टील, सीमेंट, पावर, माइनिंग और डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री में निवेश की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था भी तेज रफ्तार पर
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का GSDP मौजूदा कीमतों पर करीब 6 लाख 31 हजार करोड़ रुपये रहने का अग्रिम अनुमान है। पिछले वर्ष की तुलना में इसमें करीब 11.57 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
यानी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ-साथ राज्य की अपनी आर्थिक वृद्धि भी मजबूत बनी हुई है। ऐसे में आने वाले समय में उद्योग, व्यापार और निवेश के विस्तार की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।
GDP के आंकड़ों पर सियासत भी तेज
GDP के मजबूत आकड़ों के बीच छत्तीसगढ़ में इसे लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। भाजपा इन आंकड़ों को आर्थिक विकास और सरकार की योजनाओं के प्रभाव से जोड़कर देख रही है। वहीं कांग्रेस ने सरकार के आर्थिक विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए जमीनी स्थिति को कसौटी मानने की बात कही है।
भाजपा का दावा है कि सरकार की नीतियों का फायदा किसानों और आम लोगों तक पहुंच रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि आर्थिक विकास के आंकड़ों का वास्तविक फायदा अगर लोगों को मिल रहा है, तो उसका असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।