छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। रविवार को रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, गरियाबंद सहित प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, घरों में पानी घुसने और पुल क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटे तक प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
बिलासपुर में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज
बिलासपुर में लगातार हुई बारिश से मौसम पूरी तरह बदल गया। कई दिनों से जारी गर्मी और उमस के बाद लोगों को राहत मिली। दिनभर हुई वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। बारिश थमने के बाद लोग घरों से बाहर निकलकर मानसून का आनंद लेते नजर आए।
रायपुर के मरीन ड्राइव पर उमड़ी लोगों की भीड़
राजधानी रायपुर में लगातार बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। ठंडी हवाओं और सुहाने मौसम का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग मरीन ड्राइव पहुंचे। परिवार और दोस्तों के साथ लोगों ने शाम बिताई, वहीं बारिश के मौसम में भुट्टे और अन्य स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेते हुए भीड़ पूरे दिन देखने को मिली।
धमतरी में 13 घंटे लगातार बारिश, कई वार्ड जलमग्न
धमतरी में पिछले 13 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। पहली ही तेज बारिश में शहर के कई वार्डों में जलभराव हो गया। रामपुर वार्ड सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां कई घरों में पानी घुस गया और घरेलू सामान पानी में तैरता दिखाई दिया।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। वार्ड में स्थित लगभग 15 फीट गहरी डबरी भी पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है।
राजिम में घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
राजिम में लगातार मूसलाधार बारिश से नगर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। पत्थर्रा और मेला ग्राउंड पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। महानदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भरने से कई घरों में बारिश का पानी घुस गया।लगातार बारिश के चलते कुछ कच्चे मकानों की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए बेहतर इंतजाम करने की मांग की है।
गरियाबंद में पुल क्षतिग्रस्त, जतमई जलप्रपात पर बढ़ी पर्यटकों की भीड़
गरियाबंद जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। छुरा-कुसमी मार्ग पर बरसाती नाले के ऊपर बना कोसुमबूड़ा पुल तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे नवापारा, सारागांव, दुल्ला, चुरकीदादर और बम्हनी सहित 10 से अधिक गांवों का संपर्क छुरा मुख्यालय से टूट गया।
फिंगेश्वर तहसील में भी कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लगातार बारिश के बाद प्रसिद्ध जतमई जलप्रपात का जलस्तर बढ़ गया है। छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता भी बनी हुई है।
अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव क्षेत्र का प्रभाव अभी बना रहेगा। इसके चलते मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटे तक मध्यम से भारी तथा कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।