रायपुर- छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत राजधानी रायपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डंगनिया स्थित बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नगाड़ा बजाकर विरोध जताया और बिजली दर वृद्धि को जनविरोधी बताते हुए सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नई दरों से आम जनता, किसान और छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
डंगनिया बिजली कार्यालय के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता डंगनिया स्थित बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि महंगाई के दौर में बिजली दरों में वृद्धि आम लोगों की परेशानियां और बढ़ाने वाली है।
नगाड़ा बजाकर और पुतला फूंककर जताया विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन को अलग अंदाज में अंजाम देते हुए नगाड़ा बजाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद राज्य सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। नेताओं ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने वाले फैसले ले रही है। बिजली दरों में वृद्धि भी उसी का एक उदाहरण है।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने बढ़ी हुई बिजली दरें वापस नहीं लीं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
कांग्रेस ने बताया जनविरोधी फैसला
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। कांग्रेस ने मांग की कि बढ़ी हुई दरों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
जानिए कितनी बढ़ी हैं बिजली दरें
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। आयोग के फैसले के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक दरें बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा कृषि पंप उपभोक्ताओं को भी 40 पैसे प्रति यूनिट अधिक भुगतान करना होगा।
1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें
बिजली कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को आयोग ने स्वीकार नहीं किया, लेकिन औसतन 6.23 प्रतिशत दर वृद्धि को मंजूरी दी गई है। नई बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होंगी। आयोग का कहना है कि बढ़ी हुई लागत और वितरण खर्च को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
18 जून को होगा आंदोलन का दूसरा चरण
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें बिजली दर वृद्धि के मुद्दे पर कांग्रेस अपना पक्ष रखेगी और सरकार को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा करेगी।