मध्यप्रदेश के स्कूलों में अब बच्चों को वीर सावरकर की जीवनी पढ़ाई जाएगी। जानकारी के मुताबिक नए सिलेबस में वीर सावरकर से जुड़ा पाठ होगा, जिसमें उनकी वीर गाथा को पढ़ाया जाएग। इसे लेकर मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग हमारे क्रांतिकारियों को बच्चों तक नहीं पहुंचने देना चाहते हैं। कांग्रेस सिर्फ गांधी और नेहरू परिवार को क्रांतिकारी ओर आजादी में योगदान मानती है।
कमलनाथ ने प्राचार्य को निलंबित कर दिया था।
मध्यप्रदेश स्कूल के बच्चे को भी सावरकर के बारे में पढ़ाया जाएगा। जिनको एक जन्म में दो-दो कारावास सजा हुई ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर सावरकर की किताब को स्कूल में प्राचार्य बांट दी तो कमलनाथ ने प्राचार्य को निलंबित कर दिया था। कांग्रेस के लोग हमारे देश के क्रांतिकारियों को बच्चों तक पहुंचाना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने अपनी सरकार में ये करके दिखाया लेकिन भारतीय जनता पार्टी की नीति है कि हम ऐसे सभी क्रांतिकारियों ओर वीर सावरकर के चरित्र को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने वाले है।
स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के साथ साथ सावरकर को भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा
वीर सावरकर पहले लेखक थे जिन्होंने 1857 आंदोलन को 'स्वतंत्रता संग्राम' कहा था। भारत की आज़ादी में उनका योगदान है और इसलिए उनको सम्मान मिलना चाहिए। दुर्भाग्य से कांग्रेस की सरकारों ने भारत के क्रांतिकारियों को इतिहास के पन्नों में जगह नहीं दी। विदेश आक्रांताओं को महान लिखा गया। हम बच्चों को उनके बारे में पढ़ाने का काम करेंगे इसलिए नए पाठ्यक्रम में हम जोड़ेंगे। वीर सावरकर को जितना सम्मान मिलना चाहिए वो कांग्रेस की वजह से नही मिला। सावरकर की देश भक्ति किसी से कम नही है।
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