मध्यप्रदेश के गुना जिले के उमरी गांव ने देश के ग्रामीण विकास के इतिहास में एक नई मिसाल कायम की है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और गुना के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवाओं के अंतर्गत स्थापित समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया। इस पहल के साथ उमरी गांव देश का पहला ऐसा गांव बन गया है जहां ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे अनेक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण जीवन को तकनीक के साथ जोड़ते हुए उन्हें उन सुविधाओं तक पहुंचाना है जिनके लिए अब तक उन्हें दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था। अब गांव में ही आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए इन सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा।
‘फिजिटल’ मॉडल से बदलेगा गांवों का स्वरूप
समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवाओं की अवधारणा भौतिक और डिजिटल सेवाओं के एकीकृत मॉडल पर आधारित है। इसमें पारंपरिक सेवाओं को आधुनिक डिजिटल तकनीक के साथ जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण नागरिकों को अधिक सुविधाजनक और त्वरित सेवाएं मिल सकें। इस मॉडल के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और कृषि से जुड़ी कई सेवाएं एक ही केंद्र के माध्यम से उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीणों को बुनियादी आवश्यकताओं के लिए शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और समय तथा संसाधनों की भी बचत होगी।
देश के तीन गांवों में चुना गया उमरी
इस नवाचार के लिए देशभर से केवल तीन गांवों का चयन किया गया है, जिनमें उमरी–आरी भी शामिल है। मध्यप्रदेश से यह एकमात्र गांव है जिसे इस परियोजना के लिए चुना गया है। इस चयन को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। समृद्धि केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा, कौशल विकास, टेलीमेडिसिन और डिजिटल व्यापार जैसी सेवाओं का लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीक से जुड़ने और नए अवसर प्राप्त करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित सुविधाएं
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने केंद्र में स्थापित कंप्यूटर प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्षा और नेटवर्क कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद आधुनिक तकनीकों के उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस केंद्र में संवर्धित वास्तविकता, आभासी वास्तविकता और ड्रोन तकनीक जैसी आधुनिक प्रणालियों का भी उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण अनुभव मिलेगा और ग्रामीणों को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
सड़क विकास से बढ़ेगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
कार्यक्रम के अवसर पर बमोरी क्षेत्र में दस सड़कों का लोकार्पण भी किया गया। लगभग 28.26 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के निर्माण पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के 27 गांवों की लगभग 29 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
तकनीक से सशक्त होंगे ग्रामीण नागरिक
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उमरी गांव में समृद्ध ग्राम पहल की शुरुआत के साथ तकनीक और अवसरों की नई दुनिया सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों के जरिए शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं तक पहुंच अब ग्रामीण नागरिकों के हाथों में होगी। इस पहल के माध्यम से किसानों को मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे खेती अधिक वैज्ञानिक और उत्पादक बन सकेगी। वहीं विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी इस केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यहां बुनियादी जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी और टेली-परामर्श के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों के चिकित्सकों से संपर्क किया जा सकेगा। रक्त परीक्षण जैसी जांचों की रिपोर्ट भी कम समय में प्राप्त की जा सकेगी।
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