इंदौर के कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। नारेबाजी के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बिगड़ते हालात और पुलिस की कार्रवाई
मौके पर मौजूद पुलिस को स्थिति को काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस झड़प और भगदड़ में कई लोग घायल हुए हैं।
टकराव कैसे और क्यों हुआ?
जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता कांग्रेस द्वारा Ai समिट में अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में गांधी भवन की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें मच्छी बाजार चौराहे पर ही बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान गांधी भवन पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे।बैरिकेडिंग के दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हुई और थोड़ी देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे भगदड़ मची।
पुलिस कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
पत्थरबाजी शुरू होते ही पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जब नारेबाजी और हंगामा नहीं रुका, तो भीड़ पर पानी की बौछारें छोड़ी गईं। घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गांधी भवन और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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