मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2024 से शुरू किए गए “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से प्रदेश में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक 2.79 लाख से अधिक कुओं, बावड़ियों, तालाबों, चेक डैम सहित विभिन्न जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया गया है।
सीएम ने कहा कि जनभागीदारी से चलाए गए इस अभियान ने मध्य प्रदेश को जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा किया है।
गुड़ी पड़वा से दोबारा शुरू होगा अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 19 मार्च को गुड़ी पड़वा के पावन पर्व से इस अभियान का पुनः शुभारंभ किया जाएगा। यह अभियान गंगा दशहरा तक लगातार चलाया जाएगा। इस दौरान जल संग्रहण से जुड़ी सभी संरचनाओं के संरक्षण, पुनर्जीवन और सुदृढ़ीकरण के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा।
16 विभाग मिलकर करेंगे काम
सीएम ने कहा कि अभियान के तहत राज्य के 16 विभाग सक्रिय रूप से भाग लेंगे और जल स्रोतों के संरक्षण तथा पुनर्जीवन के लिए समन्वित प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में जल संकट की स्थिति को कम किया जा सके।
जल संरक्षण के लिए जनता से अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रकृति के इस अनमोल उपहार की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बूंद-बूंद पानी बचाने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधन सुरक्षित रह सकें।
Comments (0)