मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की बोर्ड परीक्षाएं 7 मार्च को समाप्त हो जाएंगी। 10वीं की अंतिम परीक्षा शुक्रवार को होगी, जबकि 12वीं की परीक्षा 7 मार्च को हिंदी विषय के साथ समाप्त होगी। इस बीच, उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का दूसरा चरण जारी है।
मूल्यांकन कार्य शुरू
मंडल ने रिजल्ट जल्दी घोषित करने के लिए परीक्षाओं के दौरान ही 22 फरवरी से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कर दिया था। इस साल करीब 16 लाख विद्यार्थियों की 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में प्रदेश भर से लगभग 20 हजार शिक्षक लगे हैं।
शिक्षकों को प्रतिदिन 45 से 60 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार मार्च के अंत तक मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया जाएगा, इसके बाद डाटा प्रोसेसिंग शुरू होगी। संभावना है कि मई के पहले सप्ताह तक नतीजे घोषित किए जा सकते हैं।
कैमरे की निगरानी में मूल्यांकन
समन्वयक केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी के तहत उत्तरपुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। शिक्षकों की उपस्थिति मोबाइल एप पर दर्ज होने के बाद ही उन्हें मूल्यांकन कार्य के लिए प्रवेश दिया जा रहा है। निरीक्षण दल भी मंडल के एप आधारित डाटा से मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं।
नतीजे मई के पहले सप्ताह तक आ सकते हैं
अधिकारियों का कहना है कि मंडल का लक्ष्य मार्च के अंतिम सप्ताह तक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करना है, ताकि जल्द नतीजे घोषित किए जा सकें। पिछले साल (2025) में बोर्ड ने दोनों कक्षाओं के नतीजे 6 मई को घोषित किए थे।
जून में लगेंगी विशेष कक्षाएं
मप्र बोर्ड में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। यदि कोई विद्यार्थी एक या दो विषयों में न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं करता है, तो उसे फेल माना जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए जुलाई में द्वितीय मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए जून में सभी स्कूलों में विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी ताकि दूसरी परीक्षा की तैयारी कराई जा सके।
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