मध्य प्रदेश में होली का पर्व इस वर्ष भी पारंपरिक उल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में होली का नज़ारा बेहद खास रहा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधायक रामेश्वर शर्मा ने आम नागरिकों के साथ खुले दिल से रंग-गुलाल खेला और फाग गाकर पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। प्रदेश की राजनीति और लोकसंस्कृति जब एक ही रंग में रंगी दिखाई दी, तो होली की शोभा और भी बढ़ गई।
सीएम हाउस में रंगों से सजी होली
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और परंपरागत अंदाज़ में होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है, जो समाज को एकता के नए रंगों में रंग देता है। मुख्यमंत्री ने खुद लोगों के बीच जाकर रंग लगाया, गुलाल उड़ाया और उनसे गले मिलकर खुशियां साझा कीं। पूरे कार्यक्रम में सादगी और आत्मीयता का वातावरण उपस्थित लोगों को आकर्षित करता रहा।
फाग की स्वर-लहरियों से गूंजा मुख्यमंत्री निवास
होली के रंगों में सराबोर होते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा भी उत्सव का पूरा आनंद लेते दिखाई दिए। उन्होंने फाग गीत गाकर न केवल रंगों में संगीत का रंग भरा, बल्कि लोगों के बीच एक मनमोहक उल्लास भी उत्पन्न किया। सीएम हाउस के आंगन में गूंजती फाग की धुनों ने पारंपरिक होली के चित्र को और भी जीवंत बना दिया।
भव्य आयोजन में उमड़ी भीड़
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने भी रंगों का आनंद लिया। पारंपरिक होली गीतों पर झूमते, नाचते और एक दूसरे को रंग लगाते लोगों का उत्साह देखने लायक था। रंग, संगीत और संस्कृति की इस त्रिवेणी का आनंद सभी आयु वर्ग के लोगों ने लिया।
“मामा के घर” में भी रंगों की रौनक
उधर, भोपाल में ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर भी होली की अलग ही रौनक दिखाई दी। लोकभाषा में “मामा का घर” कहलाने वाले उनके निवास पर शिवराज सिंह चौहान ने आम लोगों के साथ होली खेली, फाग गाया और सभी को प्रेमपूर्वक शुभकामनाएं दीं। उनके यहाँ भी रंग, उल्लास और आत्मीयता का वही उत्सवी माहौल देखने को मिला जो मध्य प्रदेश की सामूहिक सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक रहा है।
सामाजिक सौहार्द का संदेश देती होली
होली के इन आयोजनों ने यह संदेश भी दिया कि रंगों का यह पर्व सामाजिक दूरी मिटाकर आत्मीयता बढ़ाने का अवसर है। चाहे मुख्यमंत्री निवास हो या “मामा का घर”, जनता और जनप्रतिनिधियों का एक साथ उत्सव मनाना लोकतांत्रिक संस्कृति की एक सुखद छवि प्रस्तुत करता है।
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