मध्यप्रदेश में आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा एक बार फिर विवादों में है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा मध्यप्रदेश में भाजपा सरकारों के राज में व्यापम जैसे घोटाले बराबर जारी हैं। ताज़ा रिपोर्ट में साबित हुआ है कि 2025 में हुई आरक्षक भर्ती परीक्षा में किस तरह से सुनियोजित ढंग से घोटाला किया गया।
कई अभ्यर्थियों ने 15 मिनट में पूरा पेपर हल कर लिया
जो अभ्यर्थी इसके पहले की परीक्षा में 50 पर्सेंटाइल भी प्राप्त नहीं कर सके थे, इस बार उन्होंने बड़े आराम से 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किये। कई अभ्यर्थियों ने 15 मिनट में पूरा पेपर हल कर लिया। यह सारा कमाल एक नए बनाए गए सेंटर पर ही हो गया।क्या परीक्षा में इस तरह का फर्जीवाड़ा बिना प्रशासन की मदद के हो सकता है? स्पष्ट है कि यह किसी अभ्यर्थी द्वारा व्यक्तिगत रूप से परीक्षा में चीटिंग करने का मामला नहीं, बल्कि नीचे से ऊपर तक कोई रैकेट काम कर रहा है जो परीक्षा में घोटाला करा रहा है।
प्रदेश के नौजवानों का भविष्य अंधेरे में जा रहा
लेकिन यह भाजपा सरकार की खासियत है कि चाहे व्यापम घोटाला हो, जाए पटवारी भर्ती घोटाला हो, चाहे आरक्षक भर्ती घोटाला हो, किसी भी घोटाले में कभी मुख्य षड्यंत्रकर्ता नहीं पकड़ा जाता। घोटाले का ख़ुलासा होने पर कुछ छोटी मछलियों को पकड़कर न्याय का नाटक किया जाता है।भाजपा के शासन के कारण मध्यप्रदेश की उच्च शिक्षा और नौकरियों की पात्रता परीक्षाएं पूरी तरह संदिग्ध और अविश्वसनीय हो गई हैं। मध्यप्रदेश की पहचान घोटाला प्रदेश से बन गई है। और प्रदेश के नौजवानों का भविष्य अंधेरे में जा रहा है।
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