भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने शासकीय कार्यालयों में समयपालन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव कार्यालय आज अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति की विस्तृत जानकारी एकत्र करेगा। सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों से सीधे संपर्क कर उनके अधीनस्थ स्टाफ की हाजिरी की स्थिति पूछी जाएगी।
दिनभर रहेगी निगरानी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक कार्यालय में मौजूदगी पर विशेष नजर रखी जाएगी। लंच के बाद दफ्तर से अनुपस्थित पाए जाने वाले एसओ से लेकर एडिशनल सेक्रेटरी स्तर तक के अधिकारियों की सूची तैयार की जाएगी। उपस्थिति से जुड़ी रिपोर्ट शाम 6 बजे तक संकलित की जाएगी।
सिक्स डे वर्किंग सिस्टम की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया है कि यदि कार्यसंस्कृति में सुधार नहीं हुआ तो सप्ताह में छह दिन कार्य व्यवस्था का पुराना सिस्टम फिर लागू किया जा सकता है। नई व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी भी समाप्त की जा सकती है।
उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
वल्लभ भवन, विंध्याचल, सतपुड़ा भवन सहित अन्य शासकीय कार्यालयों में आने-जाने के समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। सरकार ने दो टूक कहा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और जनता से जुड़े कार्यों में देरी या लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी समयबद्ध और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
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