मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बड़ा झटका लगा है। Supreme Court of India ने वर्ष 2021 के बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मामले में राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता। इस फैसले के बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
हाईकोर्ट से भी मिल चुका है झटका
इससे पहले Madhya Pradesh High Court भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी। कोर्ट नंबर 13 में हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया और सभी लंबित आवेदनों को भी समाप्त कर दिया।
2.57 करोड़ रुपए फर्जी खातों में ट्रांसफर
वर्ष 2021 में आई बाढ़ के बाद बड़ौदा तहसील में 794 हितग्राहियों के नुकसान का आकलन किया गया था। राहत वितरण के दौरान 127 फर्जी खातों में करीब 2.57 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया। ऑडिट में गड़बड़ी उजागर होने के बाद जांच शुरू की गई, जिसमें कई लोगों को आरोपी बनाया गया और कुछ से राशि की वसूली भी की गई।
110 आरोपी, 25 पटवारी भी शामिल
जांच के दौरान तत्कालीन एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना की रिपोर्ट में 25 पटवारी समेत कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया। इस सूची में अमिता सिंह तोमर का नाम भी शामिल है, जो उस समय बड़ौदा में तहसीलदार के पद पर थीं।
परिजनों के खातों में लेन-देन के संकेत
पुलिस विवेचना में यह भी सामने आया कि तहसीलदार के परिजनों के खातों में संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। जांच के बाद बड़ौदा थाना पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर मुआवजा प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं।
अब सरेंडर ही एकमात्र विकल्प
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद आरोपी के पास आत्मसमर्पण करना ही विकल्प बचता है। इसके बाद वह नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे न्यायिक हिरासत में जाना अनिवार्य होता है।
प्रशासनिक हलचल तेज
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मामले के तार अन्य अधिकारियों और बिचौलियों से जुड़े होने की आशंका के चलते राजस्व विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।
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