जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की रायपुर क्षेत्रीय इकाई ने फर्जी चालान जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के धोखाधड़ीपूर्ण हस्तांतरण से जुड़े एक बड़े जीएसटी घोटाले का खुलासा करते हुए रायपुर के कबीर नगर निवासी अमन सिंह को गिरफ्तार किया है।
डीजीजीआई की जांच में सामने आया कि अमन सिंह रायपुर स्थित मेसर्स हिंदुस्तान कॉर्पोरेशन नामक एक फर्जी फर्म के निर्माण और संचालन के पीछे का मास्टरमाइंड था। जांच में पाया गया कि यह फर्म अपने घोषित व्यापारिक पते पर अस्तित्व में ही नहीं थी।
अधिकारियों के अनुसार, इस फर्जी फर्म के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी चालान जारी किए गए और कई लाभार्थी फर्मों को अवैध रूप से आईटीसी ट्रांसफर किया गया। इस पूरी कार्यप्रणाली के जरिए करीब 12.5 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
जांच के दौरान अमन सिंह करीब एक साल तक फरार रहा और जांच एजेंसियों द्वारा जारी किए गए कई समन का भी पालन नहीं किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद डीजीजीआई की रायपुर क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों ने 14 मार्च 2026 को उसे सीजीएसटी अधिनियम 2017 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रायपुर स्थित न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और कर चोरी की पूरी सीमा का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
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