रायपुर। छत्तीसगढ़ के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला और शहर अध्यक्षों से कहा कि वे नेताओं की बजाय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दें, गुटबाजी से दूर रहें और जनता के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करें।
जिला नेतृत्व को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस को बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने 2028 के चुनावी लक्ष्य का उल्लेख करते हुए जिला अध्यक्षों को कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और सरकार के खिलाफ जनआंदोलन को धार देने की जिम्मेदारी सौंपी।
बीजेपी ने प्रशिक्षण शिविर पर कसा तंज
राहुल गांधी के संदेश के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। छत्तीसगढ़ सरकार के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को एकजुट करना "मेंढकों को तौलने जैसा" है। उन्होंने दावा किया कि प्रशिक्षण शिविर का कांग्रेस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और बीजेपी लगातार संगठनात्मक रूप से सक्रिय रहती है।
कांग्रेस का पलटवार, बीजेपी की विचारधारा पर उठाए सवाल
बीजेपी के हमले का जवाब देते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा आजादी के आंदोलन से निकली है, जबकि बीजेपी की राजनीति जनता के मुद्दों से दूर है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में प्रदेश की जनता बीजेपी सरकार को जवाब देगी।
प्रशिक्षण शिविर से तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
अभनपुर प्रशिक्षण शिविर के बाद प्रदेश की राजनीति में संगठन और विचारधारा को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस इसे संगठन सशक्त करने की कवायद बता रही है, जबकि बीजेपी इसे आंतरिक गुटबाजी छिपाने का प्रयास करार दे रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस का यह प्रशिक्षण अभियान संगठन को मजबूती देता है या राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।