कॉमेडियन समय रैना अपने नए स्टैंडअप स्पेशल ‘Still Alive’ के साथ लौट आए हैं। अपने बेबाक और तीखे अंदाज के लिए मशहूर समय इस बार भी बिना किसी झिझक के कई चर्चित हस्तियों पर निशाना साधते नजर आए।
‘India’s Got Latent’ विवाद पर खुलकर बात
अपने शो में समय ने ‘India’s Got Latent’ से जुड़े विवाद को याद करते हुए बताया कि कैसे हालात अचानक बिगड़ गए थे। उन्होंने खासतौर पर रणवीर अल्लाहबादिया पर तंज कसते हुए कहा कि जब कोई ‘क्लीन इमेज’ वाला व्यक्ति अचानक अलग रूप दिखाता है, तो दर्शक उसे स्वीकार नहीं कर पाते।
रणवीर की इमेज पर तंज
समय ने मजाकिया अंदाज में रणवीर को “The monk who sold my Ferrari” कहकर संबोधित किया और उनके बदले हुए अंदाज को लेकर चुटकी ली। उनके मुताबिक, दर्शकों का भरोसा टूटना ही विवाद की बड़ी वजह बना।
विवाद का भावनात्मक असर
समय रैना ने इस पूरे विवाद के भावनात्मक असर पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें अंदर तक तोड़ गई थी और उन्हें अपना शो हटाना पड़ा। साथ ही उन्होंने अपनी कश्मीरी पहचान का जिक्र करते हुए एक भावुक टिप्पणी भी की।
पाकिस्तान से मिला समर्थन
दिलचस्प बात यह रही कि जहां भारत में शो को लेकर आलोचना हुई, वहीं समय को पाकिस्तान से अप्रत्याशित समर्थन मिला। उन्होंने इसे अपने अनुभव का अलग पहलू बताया।
शो की ‘रॉ’ और विवादित प्रकृति
समय ने ‘India’s Got Latent’ को बेहद ‘रॉ’ और अराजक बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि शो करीब पांच घंटे का था, जिसमें से चार घंटे काफी विवादित थे और कई बार बेहद आपत्तिजनक बातें भी कही गईं।
आलोचकों और सेलेब्स पर पलटवार
समय ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने विवाद के दौरान उनकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि कई राजनेता और सेलेब्रिटी इस मुद्दे पर टिप्पणी करने के लिए सामने आ गए थे।
सुनील पाल पर कसा तंज
कॉमेडियन सुनील पाल का जिक्र करते हुए समय ने उन पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने बताया कि सुनील पाल ने उन्हें कपिल शर्मा से सीखने की सलाह दी थी, जबकि वे खुद बाद में शो में नजर आने वाले थे।
बी प्राक और मुकेश खन्ना भी निशाने पर
समय रैना ने सिंगर बी प्राक और अभिनेता मुकेश खन्ना पर भी तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल ध्यान खींचने के लिए विवाद का हिस्सा बने।
पुराने सहयोग और नई आलोचना
दिलचस्प बात यह है कि समय और सुनील पाल पहले एक विज्ञापन में साथ काम कर चुके हैं। बावजूद इसके, बाद में सुनील पाल ने समय की कड़ी आलोचना की थी, जिससे यह विवाद और भी चर्चा में आ गया।