बॉलीवुड अभिनेत्री तमन्ना भाटिया जल्द ही अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ फिल्म ‘द ववान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में नजर आने वाली हैं। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद जहां इसकी रहस्यमयी कहानी ने दर्शकों का ध्यान खींचा है, वहीं तमन्ना के लुक की भी खूब चर्चा हो रही है। ट्रेलर में तमन्ना के चेहरे पर लगा लंबा सिंदूर खास तौर पर नजर आता है। यह सिंदूर उनकी मांग से होते हुए नाक तक पहुंचा हुआ दिखाई देता है। आमतौर पर बॉलीवुड फिल्मों में दुल्हन के लुक में सिंदूर मांग तक ही नजर आता है। ऐसे में तमन्ना का यह अंदाज लोगों के लिए काफी अलग और दिलचस्प बन गया है। इस लुक के पीछे बिहार की एक खास सांस्कृतिक परंपरा की झलक बताई जा रही है।
ट्रेलर में तमन्ना का अलग अंदाज बना चर्चा का विषय
‘द ववान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के ट्रेलर में तमन्ना भाटिया बिल्कुल अलग रूप में दिखाई दे रही हैं। साड़ी, पारंपरिक श्रृंगार और चेहरे पर लंबा सिंदूर उनके किरदार को खास पहचान देता है। सबसे ज्यादा ध्यान उनके उस सिंदूर ने खींचा है, जो मांग से लेकर नाक तक लगाया गया है। इस वजह से सोशल मीडिया पर भी उनके लुक को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। दर्शक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर फिल्म में उनके किरदार को इस तरह क्यों दिखाया गया है। उनका यह रूप उनके पहले के कई ग्लैमरस और आधुनिक किरदारों से काफी अलग नजर आता है। फिल्म की कहानी और उनके लुक का आपसी संबंध भी दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा रहा है।
बिहार में नाक तक सिंदूर लगाने की है खास परंपरा
तमन्ना के इस लुक को बिहार की पारंपरिक संस्कृति से जोड़कर देखा जा रहा है। बिहार में विवाहित महिलाओं के लिए सिंदूर केवल श्रृंगार का हिस्सा नहीं, बल्कि सुहाग और वैवाहिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। कई इलाकों में महिलाएं मांग से लेकर नाक तक लंबा सिंदूर लगाने की परंपरा का पालन करती हैं। खासतौर पर शादी और कई शुभ अवसरों पर इस तरह सिंदूर लगाने की परंपरा देखने को मिलती है। छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान भी कई क्षेत्रों में महिलाएं इस पारंपरिक अंदाज में सिंदूर लगाती हैं। इसे पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि फिल्म में तमन्ना का यह रूप बिहार की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाता है।
नाक तक सिंदूर लगाने का क्या है मतलब?
बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में सिंदूर लगाने का यह तरीका देश के दूसरे हिस्सों से अलग दिखाई देता है। विवाह के दौरान दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने की रस्म पूरे देश में प्रचलित है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में सिंदूर को नाक के सिरे से लेकर मांग तक लंबी रेखा के रूप में लगाने की परंपरा भी रही है। लोकमान्यताओं में इस परंपरा को पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़ा जाता है। खास मौकों पर सिंदूर की यह लंबी रेखा सुहाग और समृद्धि की शुभकामना का प्रतीक मानी जाती है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। इसलिए तमन्ना के चेहरे पर दिख रहा सिंदूर महज फिल्मी श्रृंगार नहीं, बल्कि एक खास लोक-संस्कृति की झलक माना जा रहा है।
‘द ववान’ की कहानी भी बिहार की लोककथा से प्रेरित
तमन्ना के लुक को खास बनाने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात फिल्म की कहानी है। ‘द ववान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की कहानी बिहार के पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी स्थानीय लोककथा से प्रेरित बताई गई है। फिल्म में लोकविश्वास, आध्यात्मिकता, रहस्य और अलौकिक घटनाओं को एक साथ जोड़ा गया है। फिल्म के निर्माताओं के मुताबिक लेखक अरुणाभ कुमार ने मंदिर और उससे जुड़ी लोककथाओं को समझने के लिए स्थानीय लोगों और पुजारियों से बातचीत की थी। इसके बाद इसी लोकविश्वास से प्रेरित होकर फिल्म की कहानी को विकसित किया गया। यानी फिल्म में बिहार केवल पृष्ठभूमि नहीं है, बल्कि कहानी की जड़ों का अहम हिस्सा दिखाई देता है। यही वजह है कि तमन्ना का पारंपरिक बिहारी रूप फिल्म के संदर्भ में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
वन देवी मंदिर से जुड़ी मान्यताएं भी हैं रहस्यमयी
फिल्म की कहानी जिस वन देवी मंदिर की लोककथा से प्रेरित बताई जा रही है, उससे जुड़ी कई स्थानीय मान्यताएं भी सामने आती हैं। इस मंदिर को काफी पुराना और रहस्यमयी माना जाता है। यहां देवी की पूजा पारंपरिक प्रतिमा के बजाय पिंड के रूप में किए जाने की बात कही जाती है। मंदिर और आसपास के जंगल को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की लोककथाएं प्रचलित हैं। सबसे दिलचस्प मान्यताओं में से एक यह है कि सूर्यास्त के बाद जंगल की ओर जाने से लोगों को लंबे समय से मना किया जाता रहा है। ऐसी मान्यताएं फिल्म की रहस्यमयी कहानी को और दिलचस्प बनाती हैं। इसी लोकविश्वास और रहस्य की दुनिया में फिल्म की कहानी आगे बढ़ती दिखाई देती है।
तमन्ना के लुक में दिखा बिहारी संस्कृति का रंग
फिल्म में तमन्ना का लुक सिर्फ पारंपरिक दिखाई देने तक सीमित नहीं है। उनके कपड़े, श्रृंगार और खास तौर पर नाक तक लगा सिंदूर उनके किरदार को क्षेत्रीय पहचान देते हैं। बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर किसी क्षेत्र की संस्कृति को भाषा, लोकेशन या संवादों के जरिए दिखाया जाता है। लेकिन ‘द ववान’ में पहनावे और श्रृंगार को भी कहानी के माहौल से जोड़ने की कोशिश नजर आती है। तमन्ना का यह रूप फिल्म की लोककथा और ग्रामीण-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के साथ मेल खाता दिखाई देता है। साड़ी और सिंदूर उनके किरदार को एक पारंपरिक भारतीय महिला का रूप देते हैं। वहीं नाक तक लगाया गया सिंदूर इस पूरे लुक को बिहार की खास सांस्कृतिक पहचान से जोड़ देता है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ दिखेगी रहस्य और लोकविश्वास की कहानी
फिल्म में तमन्ना भाटिया के साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। ट्रेलर में सिद्धार्थ का किरदार जंगल और रहस्यमयी घटनाओं से जुड़ी दुनिया में प्रवेश करता दिखाई देता है। फिल्म की कहानी में जंगल, लोकविश्वास और अलौकिक तत्वों का मिश्रण देखने को मिलता है। दूसरी ओर तमन्ना का पारंपरिक किरदार कहानी में एक अलग तरह का रहस्य पैदा करता है। अभी तक फिल्म में उनके किरदार की पूरी भूमिका को निर्माताओं ने स्पष्ट नहीं किया है। इसलिए यह सवाल बना हुआ है कि तमन्ना का किरदार सिद्धार्थ की कहानी से किस तरह जुड़ा है। दर्शकों के बीच इसी रहस्य को लेकर फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ रही है।
क्या सिंदूर फिल्म की कहानी में कोई बड़ा संकेत है?
तमन्ना के नाक तक लगे सिंदूर को देखकर दर्शकों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसका फिल्म की कहानी से कोई खास संबंध है। हालांकि अभी तक निर्माताओं की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सिंदूर फिल्म में किसी रहस्य या बड़े मोड़ का संकेत है। इतना जरूर है कि इस छोटे से दृश्य ने तमन्ना के किरदार को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। फिल्म की कहानी जिस लोककथा से प्रेरित बताई जा रही है, उसमें पारंपरिक मान्यताओं की अहम भूमिका है। ऐसे में उनका श्रृंगार कहानी के माहौल और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का हिस्सा हो सकता है। अब फिल्म रिलीज होने के बाद ही साफ होगा कि इस खास लुक के पीछे कहानी का कितना बड़ा कनेक्शन है।
क्यों खास है तमन्ना का यह लुक?
तमन्ना भाटिया को दर्शकों ने अब तक कई अलग-अलग तरह के किरदारों में देखा है। हालांकि ‘द ववान’ में उनका पारंपरिक और रहस्यमयी रूप उनकी स्क्रीन छवि से काफी अलग नजर आ रहा है। नाक तक लगा सिंदूर उनके लुक की सबसे बड़ी खासियत बन गया है। इस एक खास अंदाज ने उनके किरदार को तुरंत क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पहचान दे दी है। फिल्म में बिहार की लोककथा को दिखाने के लिए मेकर्स ने जिस तरह पारंपरिक पहनावे और श्रृंगार का इस्तेमाल किया है, वह इसे और खास बनाता है। यही कारण है कि ट्रेलर रिलीज होने के बाद कहानी के साथ-साथ तमन्ना के लुक पर भी चर्चा हो रही है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि फिल्म में उनका किरदार कहानी को किस दिशा में ले जाता है।
‘द ववान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के ट्रेलर ने कहानी के साथ-साथ तमन्ना भाटिया के खास लुक को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। नाक तक लगा सिंदूर उनके किरदार को बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ता नजर आता है। फिल्म की कहानी भी बिहार की स्थानीय लोककथा से प्रेरित बताई जा रही है, जिससे यह कनेक्शन और मजबूत हो जाता है। फिलहाल तमन्ना के किरदार को लेकर कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। क्या उनका सिंदूर सिर्फ पारंपरिक श्रृंगार है या कहानी में इसका कोई गहरा रहस्य छिपा है, यह फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन इतना तय है कि ट्रेलर में दिखा उनका यह अलग अंदाज फिल्म के सबसे चर्चित पहलुओं में शामिल हो गया है।