नई दिल्ली - देश के दक्षिणी राज्यों में एक बार फिर कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों में नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर मरीजों के इलाज के लिए विशेष कोविड बेड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिलहाल लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है।
साल 2020 से 2023 के बीच कोरोना महामारी ने देशभर में भारी तबाही मचाई थी। अब एक बार फिर संक्रमण के मामलों में हल्की बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति पहले जैसी नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश में बढ़े कोविड-19 के मामले
आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ सप्ताह से कोविड-19 संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। शनिवार को राज्य में 10 नए संक्रमित मरीज मिले, जिसके बाद कुल सक्रिय और दर्ज मामलों की संख्या 49 पहुंच गई। राज्य में अब तक कोरोना संक्रमण से चार लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल 24 मरीज अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं, जबकि 16 मरीज होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य निगरानी के साथ उपचार ले रहे हैं। अब तक पांच मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। पूर्वी गोदावरी जिले में सबसे अधिक 11 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा गुंटूर, कडप्पा, विशाखापत्तनम, एनटीआर, काकीनाडा, एलुरु और बापटला जिलों में भी संक्रमित मरीज मिले हैं।
तेलंगाना सरकार ने भी बढ़ाई निगरानी
आंध्र प्रदेश के साथ-साथ तेलंगाना में भी कोविड-19 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि फिलहाल संक्रमण में केवल हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है और यह पिछले वर्ष के इसी समय के ट्रेंड के समान है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार टेस्टिंग, निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अस्पतालों को तैयार रखने के निर्देश
संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रभावित जिलों के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को अलर्ट कर दिया गया है। अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन बेड तैयार रखने, टेस्टिंग सुविधाओं को सक्रिय रखने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि मामलों में और वृद्धि होती है तो अस्पताल तत्काल अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं।
RF.5 सब-वेरिएंट पर भी नजर
स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में कुछ मरीजों में ओमिक्रॉन के RF.5 सब-वेरिएंट की पहचान हुई है। यह ओमिक्रॉन परिवार का ही एक नया सब-वेरिएंट है। हालांकि अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने RF.5 को 'Variant of Concern' घोषित नहीं किया है। इसका मतलब यह है कि वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर इसे पहले के वेरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर या अधिक घातक नहीं माना गया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य एजेंसियां इस पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
क्या फिर लौट रही है महामारी?
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात को महामारी की नई लहर कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल संक्रमण के मामलों में सीमित बढ़ोतरी दर्ज की गई है और अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति चिंता का विषय नहीं है। मंत्रालय ने आईडीएसपी, आईसीएमआर, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के आकलन का हवाला देते हुए कहा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
संक्रमण से बचाव के लिए बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 से बचाव के लिए वही उपाय आज भी प्रभावी हैं, जो महामारी के दौरान अपनाए गए थे। यदि किसी व्यक्ति में सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण हों तो उसे घर पर रहना चाहिए और दूसरों के संपर्क से बचना चाहिए। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की नियमित सफाई करना और बुजुर्गों या गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष सुरक्षा करना संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।