गर्मियों के मौसम में सिर्फ त्वचा ही नहीं, बल्कि आंखों के आसपास की नाजुक स्किन भी कई समस्याओं का सामना करती है। तेज धूप, डिहाइड्रेशन, नींद की कमी और लगातार स्क्रीन देखने जैसी आदतों के कारण आंखों के नीचे सूजन (Puffy Eyes) और डार्क सर्कल्स की समस्या तेजी से बढ़ सकती है। कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह शरीर में पानी की कमी और खराब लाइफस्टाइल का संकेत भी हो सकता है। अगर समय रहते सही देखभाल की जाए तो इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
गर्मियों में क्यों बढ़ जाती है आंखों के नीचे सूजन की समस्या
आंखों के आसपास की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी पतली और संवेदनशील होती है। गर्म मौसम में अधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिससे आंखों के आसपास के ऊतकों में तरल पदार्थ जमा हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा नमक वाला भोजन, पर्याप्त नींद न लेना, लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करना भी सूजन बढ़ाने का कारण बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को Periorbital Puffiness कहा जाता है, जिसमें आंखों के आसपास हल्की या अधिक सूजन दिखाई देती है और चेहरा थका हुआ नजर आने लगता है।
डार्क सर्कल्स गहरे होने के पीछे क्या हैं कारण
गर्मियों में डिहाइड्रेशन और धूप के ज्यादा संपर्क से आंखों के नीचे की त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खोने लगती है। इससे त्वचा के नीचे मौजूद ब्लड वेसल्स अधिक स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं, जो डार्क सर्कल्स को और गहरा बना देते हैं। इसके अलावा तनाव, अनियमित दिनचर्या, कम नींद, स्क्रीन टाइम में बढ़ोतरी और शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी डार्क सर्कल्स की समस्या को बढ़ा सकती है। कई मामलों में यह आनुवंशिक कारणों से भी हो सकता है।
ठंडी सिकाई से मिल सकती है तुरंत राहत
अगर आंखों के नीचे सूजन महसूस हो रही है तो ठंडी सिकाई काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ठंडे खीरे के टुकड़े, रेफ्रिजरेटेड आई मास्क, ठंडे चम्मच या ठंडी टी-बैग्स को 10 से 15 मिनट तक आंखों पर रखने से सूजन कम करने में मदद मिलती है।
इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और आंखों के आसपास जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ कम होने लगता है, जिससे चेहरे पर ताजगी महसूस होती है।
ग्रीन टी और ब्लैक टी बैग्स भी हैं फायदेमंद
ग्रीन टी और ब्लैक टी में मौजूद कैफीन और एंटीऑक्सीडेंट्स आंखों के नीचे की सूजन को अस्थायी रूप से कम करने में मदद कर सकते हैं। ठंडे किए गए टी-बैग्स को कुछ मिनटों के लिए आंखों पर रखने से राहत मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टी-बैग्स पूरी तरह ठंडे होने के बाद ही इस्तेमाल करें, क्योंकि गर्म टी-बैग्स त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हाइड्रेशन और सही डाइट है सबसे जरूरी
गर्मियों में शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना बेहद जरूरी है। पानी की कमी का असर सबसे पहले चेहरे और आंखों के आसपास दिखाई देता है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने के साथ खीरा, तरबूज, संतरा और अन्य पानी से भरपूर फलों को डाइट में शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर रखना भी जरूरी है, क्योंकि ये शरीर में पानी रोकने का काम करते हैं, जिससे सूजन बढ़ सकती है।
नींद और धूप से बचाव भी बेहद महत्वपूर्ण
रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने से आंखों के आसपास की त्वचा को रिकवर होने का समय मिलता है और डार्क सर्कल्स कम दिखाई देते हैं। वहीं तेज धूप से बचाव के लिए UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए।धूप से आंखों के आसपास की त्वचा में पिगमेंटेशन बढ़ सकता है, जिससे डार्क सर्कल्स और अधिक गहरे नजर आने लगते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
यदि आंखों के नीचे सूजन लंबे समय तक बनी रहे, आंखों में दर्द, लालिमा, खुजली या अचानक एक आंख में ज्यादा सूजन दिखाई दे तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।ऐसे लक्षण एलर्जी, संक्रमण, थायराइड या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकते हैं। इस स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।