नई दिल्ली। चमकती और हेल्दी स्कीन पाने के लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और मेकअप का सहारा लेते हैं, लेकिन असली निखार कई बार हमारी रोजमर्रा की छोटी आदतों में छिपा होता है। सुबह की ओस से भीगी हरी घास पर नंगे पैर चलना ऐसी ही एक नेचुरल थेरेपी मानी जाती है, जो स्कीन और शरीर दोनों को फायदा पहुंचा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर रोजाना सुबह सिर्फ आधा घंटा नंगे पैर घास पर चला जाए, तो कुछ ही दिनों में चेहरे पर नेचुरल ग्लो और ताजगी महसूस होने लगती है।
अर्थिंग से बेहतर होता है ब्लड सर्कुलेशन
आयुर्वेद और नेचुरल हेल्थ थेरेपी में इसे “अर्थिंग” या “ग्राउंडिंग” कहा जाता है। जब पैर सीधे धरती के संपर्क में आते हैं, तो शरीर को शांति और ताजगी महसूस होती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर का तनाव कम होने लगता है। जब त्वचा तक ऑक्सीजन और पोषण सही तरीके से पहुंचता है, तो चेहरे पर इसका असर साफ दिखाई देता है और स्कीन ज्यादा फ्रेश व हेल्दी नजर आती है।
तनाव कम होने से चेहरे पर आता है निखार
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात तक जागना और मोबाइल स्क्रीन का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देता है। इससे स्कीन डल और थकी हुई नजर आने लगती है। सुबह की ताजी हवा, हल्की धूप और प्रकृति के बीच बिताया गया समय मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है। जब मन रिलैक्स रहता है, तो उसका असर चेहरे पर भी साफ दिखाई देता है और त्वचा में नेचुरल चमक आने लगती है।
आंखों और शरीर को भी मिलता है फायदा
पुराने समय से माना जाता रहा है कि ओस वाली घास पर नंगे पैर चलना आंखों और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, मूड बेहतर होता है और सुबह की शुरुआत फ्रेश महसूस होती है। हल्की एक्सरसाइज होने की वजह से शरीर भी एक्टिव रहता है, जिसका असर ओवरऑल हेल्थ पर दिखाई देता है।
इन बातों का रखें ध्यान
घास हमेशा साफ और सुरक्षित जगह की होनी चाहिए। जहां कीटनाशक या ज्यादा गंदगी हो, वहां नंगे पैर चलने से बचना चाहिए। शुरुआत में 15 से 20 मिनट चलना काफी होता है, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाया जा सकता है। अगर इसके साथ भरपूर पानी और हेल्दी डाइट भी ली जाए, तो स्कीन पर इसका असर और जल्दी दिखाई दे सकता है।