अप्रैल का महीना सर्दी से गर्मी की ओर संक्रमण का समय होता है, जिसमें मौसम तेजी से बदलता है। तापमान में उतार-चढ़ाव, हवा में बढ़ती धूल-मिट्टी और परागकणों की मात्रा के कारण इस दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं।
क्यों बढ़ती है एलर्जी की समस्या
मौसम बदलने के दौरान शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद को ढालने की कोशिश करती है, जिससे इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है। इसी दौरान हवा में मौजूद परागकण, धूल और फफूंद शरीर में प्रवेश कर एलर्जिक राइनाइटिस, छींक, नाक बहना और आंखों में जलन जैसी समस्याएं पैदा करते हैं।
तापमान बढ़ने से डस्ट माइट्स की संख्या बढ़ती है
अस्थमा और साइनस के मरीजों के लिए खतरा ज्यादा होता है
बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में अधिक प्रभावित होते हैं
एलर्जी के सामान्य लक्षण
बार-बार छींक आना
नाक बहना या बंद होना
आंखों में खुजली और पानी आना
गले में खराश और खांसी
एलर्जी तब होती है जब शरीर किसी सामान्य पदार्थ जैसे धूल, परागकण या पालतू जानवरों के बाल को खतरनाक समझकर उस पर प्रतिक्रिया देता है।
बचाव के आसान और असरदार उपाय
1. शरीर को हाइड्रेट रखें
दिनभर में 8-10 गिलास पानी पीना बेहद जरूरी है। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और नाक व गले की झिल्लियां नम रहती हैं, जिससे एलर्जी पैदा करने वाले कण बाहर निकल जाते हैं।
गुनगुना पानी, अदरक-तुलसी या हल्दी वाली चाय पीना और भी फायदेमंद होता है।
2. प्राकृतिक एंटी-हिस्टामिन लें
विटामिन C एलर्जी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
आंवला
नींबू
कीवी
शिमला मिर्च
टमाटर और ब्रोकली
इनका नियमित सेवन एलर्जी से बचाव में सहायक है।
3. ओमेगा-3 और प्रोबायोटिक्स शामिल करें
ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है और एलर्जी का खतरा घटाता है।
अखरोट
अलसी के बीज
सरसों का तेल
साथ ही, दही और छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स आंत को स्वस्थ रखते हैं, जिससे इम्युनिटी मजबूत होती है।