इंदौर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार पर जमकर निशाना साधा।पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मध्यप्रदेश के विकास और युवाओं की भूमिका की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में देश के हर राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका है और मध्यप्रदेश के युवाओं ने प्रदेश को विकसित बनाने का संकल्प लिया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित कार्यक्रम नहीं है। यह युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करने का अवसर भी है।उन्होंने मध्यप्रदेश की देश के विकास में भूमिका की सराहना करते हुए युवाओं को प्रदेश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की तारीफ
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देशभर में इस अभियान के तहत करोड़ों पेड़ लगाए गए और लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी की। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में हुए पौधारोपण अभियान को भी ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राहुल गांधी पर अनुराग सिंह ठाकुर का सीधा हमला
राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस नेता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी देश का अपमान करने, सनातन का विरोध करने और तुष्टिकरण की राजनीति को बंद कर दें तो देश का युवा उन्हें गंभीरता से लेना शुरू कर सकता है।
राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस पर बड़ा सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के पूर्ण गायन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद की ओर से राष्ट्रगीत को सम्मान देने से जुड़े प्रावधान किए गए हैं, लेकिन कांग्रेस के पास राष्ट्रगीत के लिए 3 मिनट 10 सेकंड निकालने तक का समय नहीं है।उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी मिलकर भी राष्ट्रगीत के लिए 3 मिनट 10 सेकंड क्यों नहीं निकाल पाते?उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में पूर्ण राष्ट्रगीत क्यों नहीं बजता हैं, क्यों नहीं गाया जाता है।