मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले लाखों मरीजों और अस्पतालों के लिए सरकार ने बड़े बदलाव लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब केवल कागजी दस्तावेजों के आधार पर इलाज और क्लेम की प्रक्रिया नहीं चलेगी, बल्कि हर चरण की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। सरकार का उद्देश्य फर्जी क्लेम, अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर रोक लगाना है, ताकि पात्र मरीजों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
अब हर इलाज का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों को मरीज के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। इसमें मरीज के अस्पताल पहुंचने का समय, स्वास्थ्य स्थिति, जांच रिपोर्ट और उपचार की जानकारी शामिल रहेगी। बिना डिजिटल रिकॉर्ड के क्लेम पास नहीं किया जाएगा।
सड़क हादसों के लिए पहली बार लागू हुआ 'गोल्डन ऑवर पैकेज'
सरकार ने सड़क दुर्घटना और गंभीर इमरजेंसी मामलों के लिए पहली बार 'गोल्डन ऑवर पैकेज' शुरू किया है। एक्सीडेंट के बाद शुरुआती एक घंटे में किए जाने वाले उपचार के लिए अस्पतालों को अलग से विशेष पैकेज मिलेगा। इसमें ऑक्सीजन सपोर्ट, आईवी फ्लूइड, इंट्यूबेशन, ट्रॉमा मैनेजमेंट और जरूरी जांचों जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं, ताकि मरीज को तुरंत बेहतर उपचार मिल सके।
झुलसे मरीजों के इलाज के लिए अलग-अलग पैकेज
बर्न केस के इलाज में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब मरीज के जलने की गंभीरता के आधार पर अस्पतालों को भुगतान मिलेगा।
25 से 40 प्रतिशत तक जलने पर ₹27,750 तक का पैकेज
60 से 80 प्रतिशत तक जलने पर ₹67,200 तक का पैकेज
क्लेम के लिए अस्पतालों को मरीज की फोटो, चोट की स्थिति और डिस्चार्ज दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा।
डायलिसिस मरीजों के लिए बढ़ी निगरानी
डायलिसिस से जुड़े फर्जी क्लेम रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन को और मजबूत किया गया है। अब इलाज के दौरान मरीजों का कई बार थंब ऑथेंटिकेशन कराया जा सकता है। आपात स्थिति में फोटो आधारित सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
एम्बुलेंस और ऑपरेशन पर भी रहेगी डिजिटल नजर
नई गाइडलाइन के अनुसार अब एम्बुलेंस सेवाओं और सर्जरी प्रक्रियाओं की भी डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी।
बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के लिए ₹500 का पैकेज
एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के लिए ₹1000 तक का पैकेज
इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान ली गई तस्वीरें, इंप्लांट का बारकोड और डिस्चार्ज समरी ऑनलाइन अपलोड करने के बाद ही अस्पतालों को भुगतान मिलेगा।
पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होने से आयुष्मान योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। नई व्यवस्था से अस्पतालों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।