शिवपुरी। मध्यप्रदेश की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इलाके के कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया को अपना भाई बताते हुए कहा कि वे दोनों दुख-सुख के साथी रहे हैं। मंच पर उन्होंने डकैत की तस्वीर पर माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि भी दी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
जेल से जंगल तक होती थी हमारी मुलाकातें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि परिस्थितियों ने रामबाबू गड़रिया को डकैत बनने पर मजबूर किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी मुलाकातें जेल से लेकर जंगल तक कई बार हुईं।
ढाई किलो से 250 किलो हो गया मेरा हाथ
विधायक ने अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उनका हाथ ढाई किलो का था, लेकिन अब वह 250 किलो का हो गया है। इस बयान के जरिए उन्होंने एक बार फिर अपने बाहुबल का दावा किया। सोशल मीडिया पर यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।
बघेल समाज के कार्यक्रम में दिया बयान
यह पूरा घटनाक्रम शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा में आयोजित बघेल समाज के कार्यक्रम का है। यह आयोजन अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर किया गया था। मंच पर अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर के साथ डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर भी रखी गई थी, जिस पर विधायक ने फूल-माला अर्पित की।
विपक्ष को मिला हमला करने का मुद्दा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयान से विपक्ष को भाजपा पर हमला बोलने का एक और मुद्दा मिल गया है। पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे विधायक प्रीतम सिंह लोधी का यह कदम पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
डकैत रामबाबू पर 100 से अधिक आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रामबाबू गड़रिया पर 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वह टी-वन श्रेणी का डकैत था। उस पर सामूहिक हत्या, फिरौती के लिए अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप थे। ग्वालियर-चंबल संभाग में उसका लंबे समय तक आतंक रहा। पुलिस एनकाउंटर में उसकी मौत हुई थी।यह मामला अब राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।