इंदौर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) इंदौर युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को अपनी विशेष केस स्टडी का हिस्सा बनाने जा रहा है। इस अध्ययन के तहत खेल, मनोविज्ञान और प्रबंधन क्षेत्र के विशेषज्ञ मिलकर यह जानने का प्रयास करेंगे कि कम उम्र में असाधारण सफलता हासिल करने के पीछे कौन से प्रमुख कारक काम करते हैं।
‘वैभव मॉडल’ पर होगी देश की पहली मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी
आईआईएम इंदौर वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन और व्यक्तित्व पर आधारित ‘वैभव मॉडल’ विकसित करने की तैयारी कर रहा है। यह देश की पहली ऐसी बहुआयामी स्टडी होगी, जिसमें खेल प्रदर्शन, मानसिक मजबूती, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तिगत विकास जैसे पहलुओं का एक साथ विश्लेषण किया जाएगा।
रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन ने खींचा विशेषज्ञों का ध्यान
राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में एक सीजन के दौरान 72 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने इस मामले में दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 59 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लगातार शानदार प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत के साथ-साथ शिक्षाविदों का भी ध्यान आकर्षित किया है।
सफलता के पीछे के कारकों की होगी पड़ताल
आईआईएम इंदौर के विशेषज्ञ वैभव की सफलता के पीछे मौजूद मानसिक, सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत पहलुओं का गहन अध्ययन करेंगे। इस शोध का उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार एक किशोर खिलाड़ी इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान बनाने में सफल होता है।
खेल, मनोविज्ञान और प्रबंधन के विशेषज्ञ करेंगे विश्लेषण
इस अध्ययन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो वैभव के निर्णय लेने की क्षमता, दबाव में प्रदर्शन, आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व कौशल जैसे पहलुओं का विश्लेषण करेंगे। इसके आधार पर भविष्य की युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए उपयोगी मॉडल तैयार किया जा सकता है।
युवा प्रतिभाओं के लिए बन सकता है प्रेरणास्रोत
आईआईएम इंदौर के निदेशक हिमांशु रॉय ने कहा कि यह अध्ययन केवल वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन परिस्थितियों और प्रक्रियाओं को भी समझने का प्रयास करेगा जो कम उम्र में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकार देती हैं। यह शोध भविष्य में खेल और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है।