इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र में रविवार सुबह नर्मदा-क्षिप्रा पाइपलाइन फटने से बड़ा हादसा हो गया। भेरूघाट के पास हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पाइपलाइन फटते ही तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और करीब 150 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा आसमान की ओर उठने लगा। घटना में कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि स्थानीय लोगों ने अधिकारियों की लापरवाही का आरोप लगाया है।
धमाके जैसी आवाज के साथ फटी पाइपलाइन
रविवार सुबह करीब 7:30 बजे भेरूघाट क्षेत्र के लोगों ने अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनी। देखते ही देखते नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना की पाइपलाइन फट गई और अत्यधिक दबाव के कारण पानी का विशाल फव्वारा निकलने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पानी इतनी ऊंचाई तक पहुंच रहा था कि वह पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों के बराबर दिखाई दे रहा था। अचानक हुई इस घटना से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
घरों में घुसा पानी, हजारों का सामान खराब
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पाइपलाइन फटने के कुछ ही मिनटों में पानी तेजी से उनके घरों की ओर बढ़ने लगा। परिवार के लोगों ने किसी तरह घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। तेज बहाव के कारण घरों में रखा राशन, फर्नीचर, कपड़े और अन्य घरेलू सामान पानी में भीग गया, जबकि कई वस्तुएं बह गईं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
चौकीदार का कच्चा मकान बहा, ढाबे को भी नुकसान
घटना स्थल के पास वन विभाग की रोपणी में चौकीदार रमेश कोहली का कच्चा मकान बना हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी का बहाव इतना तेज था कि पूरा मकान देखते ही देखते बह गया। मकान में रखा सामान भी पानी में बह गया। इसके अलावा भेरू बाबा मंदिर के पास स्थित एक ढाबे का टीन शेड भी बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।
एक घंटे तक जारी रहा पानी का तांडव
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह पाइपलाइन ओंकारेश्वर से उज्जैन तक पानी पहुंचाने वाली नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना का हिस्सा है। पाइपलाइन फटने के बाद करीब एक घंटे तक पानी का तेज बहाव जारी रहा। सुबह 8:30 बजे के आसपास सप्लाई बंद किए जाने के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पत्थर उछलकर पहुंचे घरों तक
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पाइपलाइन से निकल रहे तेज दबाव वाले पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर भी उछलकर दूर तक जा रहे थे। कई पत्थर घरों और टीन शेडों से टकराए, जिससे अतिरिक्त नुकसान हुआ। कुछ मकानों की छतों की टीन भी क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी भयावह घटना नहीं देखी।
लीकेज की शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन में पिछले कई दिनों से लीकेज की समस्या बनी हुई थी। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि अगर शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो इस बड़े हादसे को रोका जा सकता था। अब क्षेत्र के लोग मामले की जांच और नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं।