भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। इस दौरान जल संरक्षण, श्रमदान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया जाएगा।
जल संरक्षण में सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। पारंपरिक जल संरचनाओं के पुनर्जीवन के लिए श्रमदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में 25-26 मई को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर जल संरचनाओं के संरक्षण में योगदान देंगे।
तालाब, कुएं और बावड़ियों का होगा पुनर्जीवन
अभियान के तहत कुएं, नहरें, बावड़ियां और तालाबों की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके लिए श्रमदान के साथ-साथ मशीन, ईंधन और अन्य संसाधनों का उपयोग भी किया जाएगा।घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी और बंद पड़े बोरवेल एवं ट्यूबवेल के पास रिचार्ज पिट बनाकर भूजल स्तर सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
दो चरणों में होंगे कार्यक्रम
अभियान के पहले चरण में जनसहभागिता से जल संरक्षण कार्य किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में गंगा दशहरा विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा।कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर अभियान को सक्रिय रूप से संचालित किया जाएगा।