मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना राज्य सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। राज्य के 80 लाख से अधिक किसान पिछले कई महीनों से अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। अगस्त 2025 में 13वीं किस्त जारी होने के बाद से किसानों को नई राशि प्राप्त नहीं हुई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।
जून के पहले सप्ताह में आ सकती है अच्छी खबर
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार किसान कल्याण योजना की अगली किस्त जारी करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। संभावना जताई जा रही है कि जून 2026 के शुरुआती सप्ताह में किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। ऐसे में किसान विभागीय घोषणा और सरकारी आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
14वीं किस्त को लेकर बढ़ी उम्मीदें
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त लंबे समय से लंबित बताई जा रही है। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार जल्द फैसला ले सकती है। बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों की तैयारियों के बीच यह राशि किसानों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हो सकती है।
क्या एक साथ मिल सकती हैं दो किस्तें?
किसानों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि सरकार 14वीं और 15वीं किस्त का भुगतान एक साथ कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो पात्र किसानों के खातों में एकमुश्त 4,000 रुपये जमा हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह केवल संभावनाओं और सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
योजना से किसानों को मिलती है बड़ी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना राज्य में किसानों की आय को सहारा देने और कृषि लागत का बोझ कम करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। यह योजना केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना के अतिरिक्त लाभ के रूप में देखी जाती है। इससे किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में मदद मिलती है और नकदी संकट की स्थिति में राहत मिलती है।
आधिकारिक घोषणा पर रहेगी सबकी नजर
फिलहाल किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल सरकार या कृषि विभाग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। जून के पहले सप्ताह में किस्त जारी होने की संभावना जरूर जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक स्थिति सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में प्रदेश के लाखों किसानों की निगाहें अब आगामी सरकारी फैसले पर टिकी हुई हैं।