मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के अर्जित अवकाश नकदीकरण (लीव इनकैशमेंट) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों को बताया है कि सेवानिवृत्ति अथवा सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में अवकाश नकदीकरण की राशि किस प्रकार निर्धारित की जाएगी। नई व्यवस्था से कर्मचारी पहले से ही अपने संभावित भुगतान का अनुमान लगा सकेंगे।
क्या है अवकाश नकदीकरण की व्यवस्था?
सरकारी कर्मचारियों को सेवा अवधि के दौरान अर्जित अवकाश (Earned Leave) मिलता है, जो उनके खाते में जमा होता रहता है। सेवा निवृत्ति या विशेष परिस्थितियों में इन अवकाशों का उपयोग न होने पर सरकार उनकी नकद राशि का भुगतान करती है। इसी प्रक्रिया को अवकाश नकदीकरण या लीव इनकैशमेंट कहा जाता है।
300 दिन तक के अर्जित अवकाश का मिलेगा लाभ
वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण दिया जाएगा। यदि कर्मचारी पहले सेवा काल में कुछ दिनों का अवकाश नकदीकरण प्राप्त कर चुका है, तो उन दिनों को 300 दिन की कुल सीमा से कम किया जाएगा।
इस आधार पर तय होगी भुगतान राशि
अवकाश नकदीकरण की राशि निर्धारित करने के लिए कर्मचारी के मूल वेतन (Basic Pay), महंगाई भत्ता (DA) और उपलब्ध अर्जित अवकाश के दिनों को आधार बनाया जाएगा।
सबसे पहले मूल वेतन और महंगाई भत्ते को जोड़कर कुल वेतन निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद प्रतिदिन की दर निकाली जाएगी और पात्र अवकाश दिनों के अनुसार अंतिम भुगतान राशि तय की जाएगी।
पहला उदाहरण: 270 दिन अवकाश पर कितना मिलेगा भुगतान?
मान लें किसी कर्मचारी के खाते में 270 दिन का अर्जित अवकाश शेष है और वह पहले 30 दिन का अवकाश नकदीकरण ले चुका है। यदि उसका मूल वेतन 1 लाख रुपये और महंगाई भत्ता 58 हजार रुपये है, तो कुल गणना योग्य वेतन 1.58 लाख रुपये होगा।
इस स्थिति में कर्मचारी को लगभग 13.43 लाख रुपये तक का अवकाश नकदीकरण मिल सकता है। अन्य देयकों को जोड़ने पर यह राशि करीब 14.22 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
दूसरा उदाहरण: पूरे 300 दिन अवकाश होने पर लाभ
यदि किसी कर्मचारी ने पहले कभी अवकाश नकदीकरण नहीं लिया है और उसके खाते में पूरे 300 दिन का अर्जित अवकाश उपलब्ध है, तो उसे अधिक लाभ मिलेगा।
उदाहरण के लिए यदि कर्मचारी का मूल वेतन 56,100 रुपये और महंगाई भत्ता 32,538 रुपये है, तो कुल वेतन 88,638 रुपये माना जाएगा। इस आधार पर सेवानिवृत्ति के समय लगभग 8.86 लाख रुपये तक का भुगतान प्राप्त हो सकता है।
कर्मचारियों को मिलेगा पारदर्शी लाभ
वित्त विभाग का कहना है कि नए दिशा-निर्देशों से सभी विभागों में अवकाश नकदीकरण की एक समान प्रक्रिया लागू होगी। इससे भुगतान संबंधी विवाद और गणना में होने वाली त्रुटियां कम होंगी।
साथ ही कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले अपने संभावित लाभ का अनुमान लगाकर बेहतर वित्तीय योजना बना सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था सेवानिवृत्ति की तैयारी कर रहे कर्मचारियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।