मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने से पहले लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, जनगणना कार्य में नियुक्त सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों का स्थानांतरण फरवरी 2027 तक नहीं किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टरों और शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।
जनगणना कार्य में लगे हैं करीब 50 हजार शिक्षक
प्रदेशभर में लगभग 50 हजार सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजधानी भोपाल में ही करीब 400 शिक्षक इस कार्य में लगे हुए हैं। डीपीआई ने निर्देश दिया है कि जनगणना ड्यूटी में शामिल सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अनिवार्य रूप से अपडेट की जाए।
साथ ही सभी जिलों को 1 जून तक जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों की सूची पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि संबंधित कर्मचारियों की पहचान और रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखे जा सकें।
शिक्षक संगठनों ने उठाए सवाल
डीपीआई के इस निर्णय का शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश शासकीय शिक्षक संगठन ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर न रखा जाए।
स्वैच्छिक स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं: संगठन
मध्यप्रदेश शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केवल जनगणना ड्यूटी के आधार पर शिक्षकों के स्वैच्छिक स्थानांतरण पर पूरी तरह रोक लगाना व्यावहारिक निर्णय नहीं है। उन्होंने मांग की कि पात्र शिक्षकों को विशेष अनुमति देकर स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल किया जाए।