भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक अब पहले अनुमानित समय से देरी से होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार अब मानसून 15 जून के बजाय 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इसके पीछे बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम और प्रशांत महासागर में सक्रिय अलनीनो प्रभाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
प्री-मानसून बारिश से बदला मौसम का मिजाज
प्रदेश में सक्रिय स्थानीय मौसमी तंत्र के कारण प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है, जिससे नौतपा के आठवें दिन तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सतना, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम और गुना सहित कई जिलों में तेज बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई है। अधिकांश क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलीं।
70 किमी प्रति घंटे तक चलीं हवाएं
सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी का असर देखा गया। देवास, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, गुना, मंदसौर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी समेत कई जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित अन्य जिलों में भी तेज हवाओं और बारिश का असर रहा।
तापमान में आई गिरावट
तेज हवाओं और बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतर जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जिससे गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है और यह अभी श्रीलंका के आसपास अटका हुआ है। अनुमान है कि यह अगले दो से तीन दिनों में केरल पहुंचेगा, लेकिन मध्यप्रदेश में इसके प्रवेश में लगभग 5 से 7 दिनों की देरी हो सकती है।
अगले चार दिनों तक मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। कई इलाकों में आंधी, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
कई जिलों में अलर्ट जारी
राजगढ़ और आगर मालवा में ओलावृष्टि और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बड़वानी और धार जिलों में भी तेज झंझावात की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।