भोपाल/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में पिछले 3 दिनों से मौसम का भीषण कहर जारी है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। इस तूफान में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
तेज हवाओं ने मचाई भारी तबाही
राज्य में हवाओं की रफ्तार कई जगहों पर 85 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। बैतूल में सबसे तेज 85Km/h की आंधी दर्ज की गई, जबकि अशोकनगर, सीहोर, गुना, जबलपुर और भोपाल समेत कई जिलों में 50 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इस दौरान पेड़, टीन शेड और बिजली के खंभे गिरने की कई घटनाएं सामने आईं।
बरगी डैम हादसा बना सबसे बड़ा दुखद दृश्य
जबलपुर के बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज पलटने से बड़ा हादसा हुआ। तेज हवाओं के कारण हुआ यह हादसा इतना भीषण था कि अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और कई टीमें अब भी सर्च ऑपरेशन में लगी हुई हैं।
किसानों पर पड़ा सबसे बड़ा असर
नर्मदापुरम, सीहोर, बालाघाट और रायसेन जैसे जिलों में भारी बारिश और आंधी के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। हजारों क्विंटल गेहूं और चना भीग गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई जगह वेयरहाउस और टीन शेड उड़ने से अनाज खुले में भीग गया।
शहरों में भी बर्बादी का असर
भोपाल, बालाघाट और अन्य जिलों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। इटारसी में मेले का बड़ा प्रवेश द्वार गिर गया, जबकि कई जगह टीन शेड और संरचनाएं तेज हवाओं में ढह गईं।
आगजनी की घटना ने बढ़ाया संकट
रायसेन के आलमखेड़ा गांव में तेज हवाओं के कारण खेतों में लगी आग गांव तक पहुंच गई। इस हादसे में 6 से 7 पशुओं की मौत हो गई और दर्जनों किसानों का अनाज, ट्रैक्टर और घरेलू सामान जलकर खाक हो गया।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय हैं, जिसकी वजह से अगले कुछ दिनों तक तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रह सकता है।