मध्यप्रदेश में 1 जून से प्रस्तावित तबादला प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। ताजा अपडेट के अनुसार सबसे पहले नवगठित जिले मैहर और मऊगंज सहित अन्य क्षेत्रों में खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। इसके साथ ही A+ लेवल के तबादले पूरे वर्ष जारी रहने की व्यवस्था की जाएगी।
पहले खाली पदों को भरने पर सरकार का फोकस
विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बार सरकार बड़े पैमाने पर सामान्य तबादलों के बजाय पहले लंबे समय से रिक्त पदों को भरने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। विभिन्न विभागों में जहां भी पद खाली हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति और पदस्थापना की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक रिक्तियां
प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा पद खाली बताए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत करीब 2000 संविदा पद रिक्त हैं। इसके अलावा चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ के कई पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त
स्कूल शिक्षा विभाग में भी शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूलों में लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है। विभाग इन रिक्तियों का डेटा एकत्र कर भर्ती और पदस्थापना प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
अन्य विभागों में भी पद खाली
लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, नगरीय विकास विभाग सहित कई अन्य प्रमुख विभागों में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। सरकार इन सभी विभागों में आवश्यकतानुसार पदस्थापना कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है।
बड़े पैमाने पर तबादलों की संभावना कम
सूत्रों के मुताबिक इस वर्ष बड़े स्तर पर तबादलों की संभावना सीमित है। सरकार का मुख्य उद्देश्य पहले खाली पदों को भरकर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना है। आवश्यकता पड़ने पर ही सीमित और चयनित तबादले किए जाएंगे।
कर्मचारियों को मिल सकती है राहत
तबादला प्रतिबंध में ढील के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी पसंद के स्थान पर आवेदन करने का अवसर मिलेगा। हालांकि अंतिम निर्णय विभागीय जरूरतों और उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर ही लिया जाएगा।