भोपाल। मध्यप्रदेश में गिद्धों की गणना का अंतिम चरण रविवार को पूरा किया जा रहा है। ऑनलाइन एप के माध्यम से चल रही इस गणना के बाद गिद्धों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो जाएगी।प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस बार प्रदेश में गिद्धों की संख्या 14 हजार से अधिक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले हुई गणना में लगभग 12,981 गिद्ध दर्ज किए गए थे।पन्ना और वन विहार नेशनल पार्क में लाल सिर वाले और सफेद पीठ वाले गिद्धों की मौजूदगी दर्ज की गई है। पिछले एक दशक में प्रदेश में गिद्धों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है।
16 सर्किल और 9 टाइगर रिजर्व में गणना
प्रदेश के 16 वन सर्किल, 9 टाइगर रिजर्व, वन विकास निगम क्षेत्रों और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में यह गणना की जा रही है। गणना का समय सूर्योदय से सुबह 9 बजे तक निर्धारित किया गया है।गिद्ध गणना के लिए विशेष ऑनलाइन एप विकसित किया गया है, जिससे डेटा संग्रह और रिपोर्ट तैयार करने में आसानी हो रही है।
ऐसे होती है गिद्धों की गणना
गणनाकर्मी और स्वयंसेवक सूर्योदय के तुरंत बाद चयनित गिद्धों के घोंसलों के पास पहुंचते हैं। वे वहां बैठे गिद्धों और उनके बच्चों की गणना कर एप में डेटा दर्ज करते हैं।सिर्फ घोंसलों या विश्राम स्थलों पर बैठे गिद्धों को ही गणना में शामिल किया जाता है, जबकि उड़ते हुए गिद्धों को इसमें नहीं गिना जाता।मध्यप्रदेश पहले से ही टाइगर, चीता और तेंदुआ स्टेट के रूप में जाना जाता है, और अब गिद्धों की बढ़ती संख्या राज्य की जैव विविधता को और मजबूत कर रही है।