बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से बुधवार को मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। हालांकि मौसम प्रणाली अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार इसका असर गुरुवार तक बना रहेगा, जबकि 10 जुलाई से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। इसके बावजूद सक्रिय मानसूनी द्रोणिका के कारण कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बुरहानपुर और दमोह में सबसे ज्यादा बारिश
बुधवार को सबसे अधिक 55 मिलीमीटर वर्षा बुरहानपुर में दर्ज की गई, जबकि दमोह में 44 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा नर्मदापुरम में 28 मिमी, टीकमगढ़ में 20 मिमी, खजुराहो में 19 मिमी, जबलपुर में 12 मिमी तथा बैतूल और खरगोन में 12-12 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी दोपहर बाद कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई।
भिंड में रेड अलर्ट, 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार के लिए भिंड जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं राजगढ़, रतलाम, आगर मालवा, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा राजधानी भोपाल सहित 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
शाम 5:30 बजे तक विभिन्न जिलों में दर्ज वर्षा (मिलीमीटर)
ग्वालियर – 3.0
खंडवा – 6.0
सागर – 5.0
नरसिंहपुर – 3.0
उज्जैन – 2.0
श्योपुर – 2.0
छिंदवाड़ा – 2.0
सतना – 1.0
रतलाम – 0.6
मंडला – 0.4
धार – 0.2
दतिया – 0.1
मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।