शिवपुरी - मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों की बिजली और पेयजल संबंधी समस्याएं सुनते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान एक महिला ने पीने के पानी की गंभीर समस्या बताई, जिस पर विधायक ने अपनी गाड़ी से 10 रुपये की पानी की बोतल निकालकर उसे दे दी। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
गांव में लंबे समय से पानी और बिजली का संकट
जानकारी के मुताबिक, पिचौर विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में लंबे समय से बिजली और पेयजल संकट बना हुआ है। विधायक प्रीतम लोधी के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी घेर ली और लगातार बिजली कटौती तथा पानी की किल्लत को लेकर नाराजगी जताई। महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
महिला की शिकायत पर विधायक ने थमाई पानी की बोतल
वायरल वीडियो में एक महिला अपने बच्चे के साथ विधायक से पेयजल संकट की शिकायत करती दिखाई देती है। इसके जवाब में विधायक अपनी गाड़ी से 10 रुपये की पानी की बोतल निकालकर महिला को दे देते हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अगर मुझे वोट नहीं दोगे, तो किसे दोगे?
वीडियो में विधायक ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा भी दिलाते दिखाई देते हैं। बातचीत के दौरान उनका एक बयान भी चर्चा में है, जिसमें वह कहते सुनाई देते हैं, "अगर मुझे वोट नहीं दोगे, तो किसे दोगे?" इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दो महीने से खराब पड़ा है ट्रांसफॉर्मर
ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि गांव का ट्रांसफॉर्मर करीब दो महीने से खराब पड़ा है, जिससे बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके अलावा पेयजल संकट के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से बात कर जल्द बिजली और पानी की समस्या दूर कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र के गांवों का दौरा कर रहे हैं और जनता की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है।
वीडियो पर बंटी लोगों की राय
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग विधायक के इस कदम को समस्या के प्रति असंवेदनशील बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि उन्होंने तत्काल मदद करने की कोशिश की। हालांकि ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि बिजली और पानी की समस्या के समाधान को लेकर किया गया आश्वासन कब तक जमीन पर उतरता है।