एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से पूछताछ के दौरान कई अहम सवाल पूछे हैं। जांच एजेंसी का फोकस कथित क्राइम सीन से छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूतों और घटना के बाद उठाए गए कदमों पर है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने घबराहट और एंग्जायटी की शिकायत भी की, जबकि सीबीआई लगातार उनसे विभिन्न बिंदुओं पर जवाब मांग रही है।
FIR में दर्ज आरोपों पर मांगा स्पष्टीकरण
सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाए गए आरोपों को लेकर जवाब तलब किया है। जांच एजेंसी ने पूछा कि शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद उनकी भूमिका को सीमित क्यों माना जाए। साथ ही केस डायरी, गवाहों के बयान और मृतका के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर पर्याप्त विचार न किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए।
पूछताछ के दौरान एंग्जायटी की शिकायत
सूत्रों के अनुसार सीबीआई की हिरासत में गिरिबाला सिंह ने लगातार बेचैनी और घबराहट की शिकायत की। बताया जा रहा है कि उन्होंने पूछताछ के दौरान कई बार असहज महसूस करने की बात कही। हालांकि सीबीआई की महिला डीएसपी और जांच टीम लगातार उनसे सवाल-जवाब कर रही है और मामले के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है।
ट्विशा के शरीर पर मिले चोटों के निशान पर सवाल
सीबीआई ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिले कथित चोटों के निशानों को लेकर भी जवाब मांगा। जांच अधिकारियों ने जानना चाहा कि मृत्यु से पहले शरीर पर मिले इन निशानों की वजह क्या थी और उस समय परिवार के कौन-कौन सदस्य मौजूद थे। एजेंसी ने यह भी पूछा कि क्या ये चोटें सामान्य परिस्थितियों में संभव थीं या इनके पीछे कोई अन्य कारण था।
डिजिटल साक्ष्य बने जांच का बड़ा आधार
पूछताछ के दौरान व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों को भी प्रमुखता से रखा गया। सीबीआई ने शादी के बाद ट्विशा और ससुराल पक्ष के रिश्तों, कथित विवादों, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोपों तथा गर्भावस्था से जुड़े मामलों पर विस्तृत जवाब मांगे। जांच एजेंसी इन सभी डिजिटल साक्ष्यों का अन्य गवाहों के बयानों से मिलान कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी हुए तीखे सवाल
सीबीआई ने पार्लर के सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करते हुए पूछा कि फुटेज निकालते दिखाई दिए तीन वकीलों को वहां किसने भेजा था। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह कदम साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए उठाया गया था या फिर डिजिटल रिकॉर्ड में किसी तरह की छेड़छाड़ का प्रयास किया गया था। जांचकर्ताओं ने घटना स्थल की स्थिति में बदलाव और पुलिस को सूचना देने में हुई कथित देरी पर भी सवाल उठाए।
नोटिस के बावजूद देरी से पेश होने पर भी पूछताछ
सीबीआई ने यह भी पूछा कि कई नोटिस जारी होने के बावजूद पूछताछ में शामिल होने में देरी क्यों हुई। एजेंसी जानना चाहती है कि क्या जांच से दूरी बनाने की कोशिश की गई थी या किसी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को छिपाने का प्रयास किया गया था। हालांकि गिरिबाला सिंह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए किसी भी तरह के साक्ष्य से छेड़छाड़ की बात को खारिज किया है।
गवाहों, CDR और डिजिटल डेटा का हो रहा मिलान
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डिवाइसों से मिले डेटा का आपस में मिलान कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि घटना के बाद किसी ने साक्ष्यों को प्रभावित करने या जांच की दिशा बदलने का प्रयास तो नहीं किया था। आने वाले दिनों में मामले में और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।