गंगटोक: सिक्किम सरकार ने अहम फैसला लिया है। वहां अब 2 या उससे अधिक (Sikkim) बच्चे पैदा किए जाने पर कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। दरअसल, सिक्किम में वहां के समुदायों की आबादी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने दो या तीन बच्चों वाले अपने कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने का फैसला किया है। साथ ही उनका यह फैसला इस साल की 1 जनवरी से ही माना जाएगा।
दो या अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों को मिलेगी एडिशनल सैलरी
डीओपीटी (Department of Personnel Secretary) के सचिव रिनजिंग चेवांग भूटिया ने 10 मई को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि सिक्किम विषय प्रमाण पत्र/पहचान प्रमाण पत्र रखने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों को दो से अधिक बच्चों के लिए एडवांस सैलरी मिलेगी। वहीं, जिन कर्मचारियों के तीन बच्चे हैं उन्हें एक एडिशनल सैलरी मिलेगी।
ये है नियम
भूटिया ने कहा कि यह योजना 1 जनवरी, 2023 से ही प्रभावी मानी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केवल वे कर्मचारी जिनके दूसरे और तीसरे बच्चे का जन्म 1 जनवरी, 2023 या उसके बाद हुआ है, इस योजना के लिए पात्र होंगे। डीओपीटी के सचिव ने कहा कि गोद लेने के मामले में योजना का लाभ लागू नहीं होगा।
सीएम ने जनवरी में की थी योजना की घोषणा
बता दें कि सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (Sikkim) ने इस साल जनवरी में गंगटोक में एक कार्यक्रम में कहा था कि स्थानीय स्वदेशी आबादी के बीच कम प्रजनन दर सिक्किम में गंभीर चिंता का विषय है और इसे बढ़ाने के लिए हमें कदम उठाने चाहिए। उन्होंने इसे दूर करने के लिए रियायतों का वादा किया था। उनकी घोषणा के चार महीने के बाद इस योजना को लागू किया गया है। लगभग सात लाख लोगों की आबादी वाला सिक्किम भारत का सबसे कम आबादी वाला राज्य है।
यह है इस योजना को लाने का मुख्य उद्देश्य
राज्य की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 1.1 है जो देश में (Sikkim) सबसे कम है। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी लेप्चा, भाटिया और नेपाली समुदायों की घटती आबादी पर बार-बार चिंता व्यक्त की है और कहा है कि उनकी सरकार स्थानीय लोगों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
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