Pilot Vs Gehlot - कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने गहलोत सरकार के खिलाफ मौर्चा खोल रखा है। ( Pilot Vs Gehlot ) सचिन पायलट अपनी मांगों को लेकर पिछले दिनों अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठ थे। आपको बता दें कि, सचिन पायलट ने बीजेपी सरकार में कथित तौर पर हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग को लेकर 11 अप्रैल को जयपुर में शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन किया था।
पायलट के अनशन पर प्रभारी महासचिव ने दिया था ये बयान
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अनशन के बाद कांग्रेस के राजस्थान मामलों के प्रभारी महासचिव सुखजिंदर रंधावा ने कहा था कि, उन्होंने पायलट से बात की है और उनसे अपनी ही सरकार के खिलाफ जनता के बीच जाने के बजाय पार्टी के मंच पर मुद्दों को उठाने के लिए कहा है। प्रभारी महासचिव ने इसके बाद कहा था कि, पायलट के खिलाफ एक्शन की बातें भी उठने लगीं।
अगर मां का दूध पिया है तो पायलट साहब पर अनुशासन की कार्रवाई कर के बताओ
इसी बीच सचिन पायलट समर्थन विधायक और गहलोत सरकार में मंत्री राजेंद्र सिंह गुढा ने अपनी ही सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि, पायलट साहब आप चिंता मत करना, मैं आपको बताना चाहता हूं कि, राजस्थान के सभी धर्म-जाति और बिरादरी का नौजवान आपके पीछे खड़े है। मैं चुनौती देना चाहता हूं कि, अगर मां का दूध पिया है तो पायलट साहब पर अनुशासन की कार्रवाई कर के बताओ। छटी का दूध याद आ जाएगा।
वसुंधरा राजे की सरकार पर भ्रष्टाचार हुआ जिसकी जांच होनी चाहिए
वहीं सचिन पायलट ने कहा कि, कांग्रेस जब विपक्ष में थी, तब वसुंधरा राजे की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, उन्होंने कहा कि, ये हमारा मानना था कि, इसकी जांच होनी चाहिए। इस बारे में हमने राष्ट्रपति को चिट्ठी भी लिखी थी। आगे बोलते हुए पायलट ने कहा कि, हमारी सरकार के 4 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान मैंने बहुत सारी चुट्ठियां लिखी, पर कुछ भी नहीं हुआ, इस कारण ही मैंने अनशन किया। इस मामले को लेकर जांच होनी चाहिए, ताकि हमारी कथनी और करनी में फर्क न हो।
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