Wrestlers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि याचिकाकर्ता एफआईआर की मांग यहां लेकर आए थे। वह दर्ज हो चुकी है। पुलिस जांच कर रही है। शिकायकर्ताओं को सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इसलिए, अब इस मामले को यहां लंबित रखना जरूरी नहीं है। इस मामले से जुड़ी कोई भी बात निचली अदालत या हाई कोर्ट में रखी जा सकती है।
खिलाड़ियों की तरफ से सिब्बल ने रखा पक्ष (Wrestlers Protest)
खिलाड़ियों के लिए पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने एक नाबालिग समेत सभी 7 शिकायकर्ताओं को सुरक्षा देने की मांग की थी। आज दिल्ली पुलिस की तरफ से सॉलिसीटर जनरल ने बताया कि नाबालिग को सादे कपड़ों में पुलिस सुरक्षा दे रही है, ताकि उसकी पहचान उजागर न हो। बाकी 6 खिलाड़ियों को कोई खतरा नहीं पाया गया है, लेकिन उनको भी सुरक्षा दी गई है।
महिला आईपीएस कर रही जांच
सॉलिसीटर जनरल ने यह भी कहा कि जांच का ज़िम्मा एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी को दिया गया है। पुलिस पर भरोसा किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता या कोई भी यह नहीं कह सकता कि पुलिस क्या करे और किस तरह करे। उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब तक नाबालिग समेत 5 लोगों के बयान ले चुकी है। जल्द ही सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने भी उनके बयान दर्ज करवाए जाएंगे।
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