जल्दी निपटेंगे मुकदमे
नए कानून में मुकदमे जल्दी निपटेंगे । साथ ही आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को कानून का हिस्सा बनाने से मुकदमों के जल्दी निपटारे का रास्ता आसान हुआ है। शिकायत, सम्मन और गवाही की प्रक्रिया में इलेक्ट्रानिक माध्यमों के इस्तेमाल से न्याय की रफ्तार तेज होगी। अगर कानून में तय समय सीमा को ठीक उसी मंशा से लागू किया गया जैसा कि कानून लाने का उद्देश्य है तो निश्चय ही नये कानून से मुकदमे जल्दी निपटेंगे और तारीख पर तारीख के दिन लद जाएंगे।एफआइआर दर्ज कराना होगा
आपराधिक मुकदमे की शुरुआत FIR से होती है। नये कानून में तय समय सीमा में FIR दर्ज करना और उसे अदालत तक पहुंचाना सुनिश्चित किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) में व्यवस्था है कि शिकायत मिलने पर तीन दिन के अंदर FIR दर्ज करनी होगी। तीन से सात साल की सजा के केस में 14 दिन में प्रारंभिक जांच पूरी करके एफआइआर दर्ज की जाएगी। 24 घंटे में तलाशी रिपोर्ट के बाद उसे न्यायालय के सामने रख दिया जाएगा।क्या है नये कानून में
पहली बार आतंकवादको परिभाषित किया गया
राजद्रोह की जगह देशद्रोह बना अपराध
मॉब लिंचिंग के मामले में आजीवन कारावास या मौत की सजा
पीडि़त कहीं भी दर्ज करा सकेंगे एफआइआर, जांच की प्रगति रिपोर्ट भी मिलेगी
राज्य को एकतरफा केस वापस लेने का अधिकार नहीं। पीड़ित का पक्ष सुना जाएगा
तकनीक के इस्तेमाल पर जोर, एफआइआर, केस डायरी, चार्जशीट, जजमेंट सभी होंगे डिजिटल
तलाशी और जब्ती में आडियो वीडियो रिकार्डिंग अनिवार्य
गवाहों के लिए ऑडियो वीडियो से बयान रिकार्ड कराने का विकल्प
सात साल या उससे अधिक सजा के अपराध में फारेंसिक विशेषज्ञ द्वारा सबूत जुटाना अनिवार्य
छोटे मोटे अपराधों में जल्द निपटारे के लिए समरी ट्रायल (छोटी प्रक्रिया में निपटारा) का प्रविधान
पहली बार के अपराधी के ट्रायल के दौरान एक तिहाई सजा काटने पर मिलेगी जमानत
भगोड़े अपराधियों की संपत्ति होगी जब्त
इलेक्ट्रानिक डिजिटल रिकार्ड माने जाएंगे साक्ष्य
भगोड़े अपराधियों की अनुपस्थिति में भी चलेगा मुकदमा
कौन सा कानून लेगा किसकी जगह
इंडियन पीनल कोड (आइपीसी)1860 की जगह लागू हो रहा है - भारतीय न्याय संहिता 2023
क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) 1973 की जगह लागू हो रहा है - भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023
इंडियन एवीडेंस एक्ट 1872 की जगह लागू हो रहा है - भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023
Comments (0)