New Delhi: दिल्ली के जंतर मंतर पर कई पहलवान WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ लगातार धरना प्रर्दशन कर रहे हैं। वे उनके खिलाफ सजा की मांग कर रहे हैं। वहीं, बीते दिन देखने को मिला की कई विपक्षी नेता प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल, सोनिया गांधी समेत कई नेता पहलवनों का समर्थन करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे।
'धरना प्रर्दशन खिलाड़ियों के स्वंय की आवाज नहीं है..'
वहीं, अब WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कई नेताओं के जंतर-मंतर पहुंचने को लेकर मीडिया से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि वास्तव में धरना प्रर्दशन खिलाड़ियों के स्वंय की आवाज नहीं है। यह आवाज बनाई गई है। उन्हें सिखाया गया है वह तब ही सड़कों पर उतरे हैं।
अखिलेश यादव का किया धन्यवाद
शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) से जब पूछा गया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव जंतर-मंतर पर विरोध करने वाले पहलवानों के पास नहीं गए, जबकि कई विपक्षी नेता वहां पहुंचे थे। इसके जवाब में उन्होंने कहा, मैं अखिलेश यादव का धन्यवाद देता हुं, वह सच्चाई जानते हैं। हम बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। उत्तर प्रदेश के 80% पहलवान समाजवादी पार्टी की विचारधारा वाले परिवारों से हैं। वे मुझे 'नेताजी' कहते हैं। वे जानते हैं कि नेताजी सब कुछ कर सकते हैं, लेकिन यह नहीं कर सकते हैं।
WFI के अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा के 90% एथलीट और अभिभावक भारतीय कुश्ती महासंघ पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ परिवार और आरोप लगाने वाली लड़कियां एक ही 'अखाड़े' से संबंधित हैं। वह सभी महादेव रेस्लिंग अखाड़े की ही लड़किया हैं और उस 'अखाड़े' के संरक्षक दीपेंद्र हुड्डा हैं।
जंतर-मंतर में नही मिलता न्याय: शरण
अध्यक्ष बृजभूषण ने कहा कि आपको जंतर मंतर से न्याय नहीं मिलता है। यदि आप न्याय चाहते हैं, तो आपको पुलिस और अदालत के पास जाना होगा। उन्होंने अब तक ऐसा कभी नहीं किया। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि अदालत जो भी फैसला करेगी हम उसे स्वीकार करेंगे।
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