कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA गठबंधन के सहयोगी नेताओं को देश के चुनाव आयोग के चिंताजनक रवैए के बारे में पत्र लिखा है. उन्होंने लिखा है कि अंतिम मतदाता मतदान के आंकड़े जारी करने में अत्यधिक देरी और उस डेटा में पाई गई विसंगतियां इन चुनावों की स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रकृति पर गंभीर संदेह पैदा करती हैं. यह कोई साधारण चुनाव नहीं है. यह हमारे लोकतंत्र और संविधान को जीवित रखने की लड़ाई है. इस संदर्भ में लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाना और चुनाव को जवाबदेह ठहराना हमारा सामूहिक कर्तव्य है ताकि वह अपने कार्यों को जिम्मेदारी से संचालित करे
खरगे ने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है. हाल के घटनाक्रम को देखें तो आयोग की विश्वसनीयता अब तक के सबसे निचले स्तर पर है. यह सार्वजनिक डोमेन में है कि इतिहास में पहली बार कैसे आयोग ने लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के अंतिम मतदान प्रतिशत जारी करने में देरी की है. खरगे ने चुनाव आयोग से पूछा है कि पहले चरण वोटिंग खत्म की तारीख से लेकर मतदाता मतदान डेटा जारी होने में देरी से अंतिम मतदान प्रतिशत में 5.5 फीसदी की बढ़ोतरी क्यों हुई है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है. पहले और दूसरे चरण का अंतिम मतदान प्रतिशत जारी करने में हुई देरी डेटा की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा करती है.
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