Karnataka Election 2023: - कर्नाटक के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल को बैन करने के कांग्रेस के वादे पर लगातार पूरे देशभर में सियासी कोहराम मच गया है। (Karnataka Election 2023 ) कर्नाटक के चुनावी दंगल में कांग्रेस का ये दांव पार्टी पर उल्टा पड़ता दिख रहा है। बीजेपी ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया है, और लगातार हर बीजेपी नेता चुनावी सभा में यह मुद्दा बड़ी ही जोरशोर से उछाल रही हैं, तो कांग्रेस अपने घर में भी घिरने लगी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े किए हैं।
बजरंग दल एक पार्टी संगठन है, ये कोई आतंकी संगठन नहीं है
आचार्य प्रमोद ने कहा कि, बजरंग दल एक पार्टी संगठन है, ये कोई आतंकी संगठन नहीं है। दोनों में अंतर कर लेना चाहिए। बजरंग दल के कार्यकर्ता वैलेंटाइन डे या चर्च के बाहर विरोध के रूप में प्रदर्शन करते हैं। ये सिर्फ अपनी विचारधारा को बढ़ाना चाहते हैं बस। मेरा मानना है कि, जनता भी बजरंग दल को आतंकवादी संगठन नहीं मानती है और देश का हिंदू पक्ष भी ये स्वीकार करने को तैयार नहीं है। जब बजरंग दल आतंकी संगठन नहीं तो बैन कैसे लगता सकता है।
जहरीला 'सांप' अभी तक 'गले' में पड़ा हुआ है
आचार्य प्रमोद यहीं नहीं रुके आगे कहा कि, बजरंग दल को उत्पाती संगठन माना जा सकता है, मगर वो आतंकवादी संगठन नहीं है। उन्होंने कहा कि, बजरंग दल ने कभी कोई एके 47 से हमला नहीं किया है, ना ही कहीं बम ब्लास्ट किया है और ना ही कोई देशविरोधी काम किया है। उन्होंने बुधवार को कांग्रेस के चुनावी वादे पर जोर का कटाक्ष किया। आचार्य ने एक ट्वीट में लिखा, "जहरीला 'सांप' अभी तक 'गले' में पड़ा हुआ है। बजरंग बली को 'छेड़ने' की क्या जरूरत थी?
बजरंग दल को बैन करने का मुद्दा कांग्रेस को फायदा नहीं पहुंचाएगा
उन्होंने कहा कि, बजरंग दल को सिर्फ हिंदू विचाराधारा को आगे बढ़ाने वाला और बीजेपी की सहयोग करने वाला संगठन है। कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा कि, अगर कांग्रेस के कुछ नेताओं को लगता है कि, बजरंग दल एक आतंकी संगठन है तो बैन कर दें। मगर कर्नाटक के चुनाव में बजरंग दल को बैन करने का मुद्दा कांग्रेस को फायदा नहीं पहुंचाएगा, बल्कि इससे भारतीय जनता पार्टी को ही फायदा पहुंचेगा।
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