मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) से जुड़े गैंगस्टर एक्ट वाले केस में शनिवार (29 अप्रैल) को सजा सुना दी गई है। गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 15 साल पूराने मामले में पूर्व विधायक को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने पांच लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया है।
15 साल बाद आने वाले इस फैसले की डेट पहले 15 अप्रैल थी। जिसे बढ़ाकर 29 अप्रैल कर दिया गया था। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी में शामिल होंगे। वहीं उसका भाई अफजाल अंसारी कोर्ट में पहुंच चूका है।
अफजाल अंसारी की जा सकती है सांसदी
गैंगस्टर मामले में अफजाल अंसारी को अगर 2 साल से ज्यादा की सजा हुई तो अफजाल की सांसदी खत्म हो जाएगी। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में दर्ज केस के आधार पर अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा विधायक कृष्णानंद राय और नंदकिशोर गुप्ता रुंगटा की हत्या के मामले में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। दोनों भाईयों के खिलाफ मुहम्मदाबाद थाने में 2007 में क्राइम नंबर 1051 और 1052 दर्ज हुआ था।
भारी पुलिस बल की तैनाती
कृष्णानंद राय के साथ ही सात लोगों की हत्या की गई थी। अभी मुख्तार अंसारी यूपी स्थित बांदा जेल में बंद हैं। हालांकि, बीते 15 अप्रैल को ही इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। लेकिन शनिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। फैसला सुनाए जाने से पहले गाजीपुर में आदलत के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोर्ट के बाहर भारी सख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात थे। बता दें कि मुख्तार अंसारी मऊ विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुका है।
जानें पूरा मामला
मुख्तार अंसारी के खिलाफ ये मामला बीजेपी के दिवंगत विधायक कृष्णानंद राय और नंदकिशोर गुप्ता की हत्या के मामले में दर्ज किया गया था। मुख्तार और अफसाज अंसारी के खिलाफ केस 2007 में मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज किया गया था। इस केस की सुनावाई के दौरान मुख्तार अंसारी वीडियो कॉफ्रेंसिंग की जरिए बांदा जेल से जुड़े थे। 2005 में मुहम्मदाबाद स्थित बसनिया चट्टी के पास कृष्णानंद राय की हत्या कर दी गई थी।
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