गुजरात के 56 छात्रों ने यह याचिका ऐसे समय में दायर की है, जब कुछ ही दिन पहले मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ 26 याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है। इन याचिकाओं में दोबारा परीक्षा कराने और पहले हुई परीक्षा की जांच की मांग की है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए नीट-यूजी का आयोजन करती है।इस साल 5 मई को 4,750 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 24 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। प्रश्न पत्र लीक समेत अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए तथा विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाया।
पिछली परीक्षा रद्द करने, दोबारा परीक्षा कराने और उच्चस्तरीय जांच की मांग संबंधी याचिकाओं पर आठ जुलाई को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होगी।
नीट-यूजी में सफल हुए गुजरात के 50 से अधिक परीक्षार्थियों ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर केंद्र व एनटीए को 5 मई को हुई परीक्षा रद्द नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
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