पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गांधीनगर में आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा संघ अधिवेशन में कहा कि शिक्षकों के साथ उनके जो अनुभव रहे उसने राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनाने में काफी मदद की है। भारत को विकसित बनाने में शिक्षकों का बड़ा रोल है। पीएम मोदी ने कहा की, "मैंने आप लोगों से बहुत कुछ सीखा है। शिक्षक बदल रहे हैं। विद्यार्थी भी बदल रहे हैं। आज शिक्षकों के सामने जो संसाधनों की चुनौती थी, वे कम हो रही है। लेकिन छात्रों की जो उत्सकुता है वह चुनौती लेकर आई है।"
इस लिए बनाई गई नई शिक्षा नीति
पीएम मोदी (PM Modi) ने आगे कहा, प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा पर भूटान गया। तो मुझे वहां के सीनियर किंग ने बताया कि मेरी पीढ़ी के सभी लोगों को हिन्दुस्तान के शिक्षकों ने पढ़ाया है। हमारी शिक्षा प्रणाली बदल रही है, और शिक्षक और बच्चे भी बदल रहे हैं। परिवर्तन के इस दौर में हम कैसे आगे बढ़ेंगे यह महत्वपूर्ण है। लाखों शिक्षकों ने इस बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाने में योगदान दिया है। आज भारत 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप नए अवसर बना रहा है और इसी को ध्यान में रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई गई है।"
मैं कभी शिक्षक नहीं रहा- PM Modi
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, मैं कभी शिक्षक नहीं रहा, लेकिन जीवन भर एक छात्र जरूर रहा हूं। आज भारत, 21वीं सदी की आधुनिक आवश्कताओं के मुताबिक नई व्यवस्थाओं का निर्माण कर रहा है। 'नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति' इसी को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। हम इतने वर्षों से स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर अपने बच्चों को केवल किताबी ज्ञान दे रहे थे। 'नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति' उस पुरानी अप्रासंगिक व्यवस्था को परिवर्तित कर रही है।
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