ग्लोबल वार्मिंग के चलते हिंद महासागर की सतह का तापमान 1.7 से 3.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं। यदि ऐसा होता है तो समुद्री हीटवेव और चरम चक्रवातों में तेजी आएगी जिसके कारण मॉनसून प्रभावित होगा। एक नए अध्ययन के मुताबिक बढ़ते तापमान के कारण और समुद्र का स्तर बढ़ जाएगा। उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर के लिए भविष्य का अनुमान लगाने के लिए यह अध्ययन पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आई.आई.टी.एम.) के जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल के नेतृत्व में किया गया है।
ग्लोबल वार्मिंग के चलते हिंद महासागर की सतह का तापमान 1.7 से 3.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं। यदि ऐसा होता है तो समुद्री हीटवेव और चरम चक्रवातों में तेजी आएगी जिसके कारण मॉनसून प्रभावित होगा।