Kaliyaganj Case: पश्चिम बंगाल के कालियागंज की घटना पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार (27 अप्रैल) को राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस राजशेखर मंथा ने अगले मंगलवार तक रिपोर्ट सबमिट करने का कहा है। कोर्ट ने पूछा कि राज्य ने क्या कदम उठाए हैं? इसे रिपोर्ट में बताया जाना चाहिए। साथ ही ऑटोप्सी की वीडियोग्राफी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। जज ने एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिवार को देने का भी निर्देश दिया।
शरीर में जहर दिए जाने का मिला प्रमाण (Kaliyaganj Case)
कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा "राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग चाहे तो पुलिस प्रशासन से दस्तावेज मांग सकता है और प्रशासन को उनका सहयोग करना होगा।" जस्टिस मंथा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रेप का कोई सबूत नहीं मिला। शरीर में जहर दिए जाने के प्रमाण मिले हैं। गौरतलब है कि 17 वर्षीय लड़की के लापता होने के एक दिन बाद गत शुक्रवार को उसका शव कालियागंज की नहर में मिला था। जिसके बाद इलाके में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
परिवार ने लगाया हत्या का आरोप
शव को बरामद करने के बाद पुलिस ने कथित तौर पर इसे कुछ मीटर की दूरी पर सड़क पर घसीटा जिसकी आलोचना की गई। इस मामले में चार एएसआई स्तर के पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। लड़की के परिवार का आरोप है कि उसके साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। परिवार ने 20 वर्षीय युवक और उसके पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
सीएम ममता ने बीजेपी पर लगाया आरोप
इस मामले को लेकर टीएमसी और बीजेपी में जुबानी जंग भी शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नाबालिग लड़की की मौत के बाद कालियागंज में तोड़-फोड़ की घटनाओं के पीछे बीजेपी का हाथ है। उन्होंने कहा कि बीजेपी बाहर से उपद्रवियों को लेकर आई और उन्होंने कालियागंज में तोड़फोड़ की और थाने में आग लगाई। वहीं बीजेपी ने आरोपों को बकवास करार दिया है।
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